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मोबाइल छीनने के दोषी को 10 साल की जेल

5 वर्ष पहले
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पानीपत |मोबाइल छीनने के एक दोषी को कोर्ट ने 10 साल कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह बड़ा फैसला सोमवार को पानीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही ने सुनाया। घटना करीब 6 माह पहले की है। पानीपत की एडीजे कोर्ट में चपरासी के पद पर तैनात डाबर कॉलोनी निवासी राजकुमार 9 अगस्त 2016 की रात अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे लघु सचिवालय के वीआईपी गेट के पास पहले से खड़े तीन लोग उनसे मारपीट कर मोबाइल छीनकर भाग गए। घायल राजकुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर 13 अगस्त को शहर के हलवाई हट्टा निवासी केशव उर्फ काला को गिरफ्तार किया। बाकी दो आरोपियों का पता नहीं चल सका। कोर्ट में चालान पेश किया गया। मामले में 7 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने करीब छह माह में ही काला को आईपीसी की धारा 379 बी के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुना दी।

{6 माह में पानीपत कोर्ट का फैसला {धारा 379बी के तहत सुनाई गई कड़ी सजा

चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर रोक के लिए हरियाणा सरकार ने आईपीसी की धारा 379 में संशोधन कर इसे धारा 379ए और 379बी के तहत कठोर अपराध की श्रेणी में रखा है। इसके तहत चेन स्नेचिंग गैर जमानती अपराध है। स्नेचिंग को लेकर संभवत: देश का सबसे सख्त कानून 9 अक्टूबर 2015 से लागू किया गया। धारा 379बी में कम से कम 10 साल अधिकतम 14 साल कैद की सजा हो सकती है। धारा 379ए में कम से कम 5 साल और अधिक से अधिक 10 साल तक की जेल हो सकती है। यह कठोर कारावास के तहत दंडनीय अपराध होगा। दोनों धाराओं में कम से कम 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

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