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प्रदूषण जांच केंद्रों को लगानी होगी रेट लिस्ट

5 वर्ष पहले
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हाईवेपर वाहनों से बढ़ते प्रदूषण और प्रदूषण जांच केंद्रों की मनमानी पर अब अारटीए विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। प्रदूषण जांच केंद्रों को अपने केंद्र के बाहर सार्वजनिक तौर पर रेट लिस्ट लगानी होगी। शिकायत मिल रही है कि बिना रेट लिस्ट के मनमाने दाम वसूले जाते हैं और बिना जांच किए ही रुपए लेकर प्रदूषण पर्ची दे दी जाती है। अब इसकी निगरानी करवाई जाएगी। निर्धारित रेट अनुसार डीजल वाहन प्रदूषण जांच के 25 रुपए और पेट्रोल वाहन के 15 रुपए लेने होते हैं।

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से जिले में 33 प्रदूषण जांच केंद्रों को लाइसेंस जारी किया हुआ है। कई पेट्रोल पंप के पास ये केंद्र लगे हैं। मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 115 (2) के तहत निर्धारित स्तर अनुसार टू और थ्री व्हीलर में कार्बन मोनोआक्साइड 4.5 प्रतिशत, जबकि हैग्जेन की मात्रा 9000 पीपीएम (पर्टिकुलेट पर मेटर) होनी चाहिए। पेट्रोल वाले फोर व्हीलर में कार्बन मोनोआक्साइड 3.0 प्रतिशत, जबकि हैग्जेन की मात्रा 1500 पीपीएम होना चाहिए। शिकायत मिलती है कि बिना जांच के ही ज्यादा रुपए लेकर प्रदूषण पर्ची दे दी जाती है। ऐसे में अधिक प्रदूषण करने वाले वाहन चालक पुलिस और आरटीए के चालान से भी बच जाते हैं। पांच माह पहले असंध रोड पर डीएसपी ट्रैफिक ने एक प्रदूषण जांच केंद्र की खामी मिलने पर उसे चेतावनी भी दी थी। साल में इनको लाइसेंस रिन्यू करवाना होता है।

लाइसेंस नहीं करेंगे रिन्यू

^प्रदूषणजांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। नियमों की उल्लंघना करने वालों पर कार्रवाई होगी। प्रदूषण जांच केंद्र पर प्रॉपर मशीन होनी जरूरी है। रेट लिस्ट सार्वजनिक लगानी होगी। अकसर शिकायत मिलती हैं कि रुपए ज्यादा वसूले जाते हैं। बिना जांच किए वाहन की प्रदूषण पर्ची बनाकर नहीं दी जा सकती। सार्वजनिक रेट लिस्ट नहीं लगाई तो लाइसेंस रिन्यू नहीं करेंगे।\\\' -त्रिलोक सिंह, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण

{निर्धारित से अधिक वसूलने की शिकायतों के बाद आरटीए के निर्देश {बिना रेट लिस्ट लगाए हुए केंद्रों का नहीं होगा लाइसेंस रिन्यू

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