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टेंडर खत्म, फिर भी चल रही नगर निगम की पार्किंग

6 वर्ष पहले
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पालिकाबाजार स्थित नगर निगम कार्यालय की पार्किंग टेंडर खत्म होने के 13 दिन बाद भी अवैध तरीके से चलती रही। पार्किंग संचालक चालकों से वाहन खड़ा कराने की एवज में फीस वसूलते रहे। जनता से अवैध तरीके से वसूली करने और नगर निगम को रेवेन्यू लॉस पहुंचाने का काम अधिकारियों की नाक तले ही होता रहा। इस बारे में नगर निगम के सचिव ने पूछे जाने पर बताया कि टेंडर खत्म होने की जानकारी नहीं थी, पता चलते ही संचालक को बंद करने अब तक एवरेज के हिसाब से बनने वाला रेवेन्यु कार्यालय में जमा कराने का नोटिस दे दिया गया है।

पालिका बाजार में नगर निगम की पार्किंग जीटी रोड के साथ लगती खाली जगह में बनाई गई है। इसे कोई भी टेंडर के माध्यम से छुड़ा लेता है। लेकिन इन दिनों ऐसा नहीं हो रहा। पार्किंग का टेंडर 31 जनवरी को खत्म हो चुका था। प्रदीप नाम के व्यक्ति ने 4 लाख 90 हजार रुपए में पार्किंग का टेंडर ले रखा था। यहां पर एवरेज के हिसाब रोजाना 150 गाड़ियां 25 बाइक खड़ी होती हैं। गाड़ी खड़ी करने का चार्ज 12 घंटे में 20 रुपए बाइक खड़ी करने पर 15 रुपए चार्ज लिया जाता है।

नोटिस मिलते ही बंद कर दी पार्किंग

^पार्किंगका टेंडर 31 जनवरी को खत्म हो गया था। हमने इस बारे में निगम अधिकारियों को अवगत करा दिया था। उनकी ओर से कोई रिस्पांस नहीं आया। इसी कारण थोड़े दिन आगे तक पार्किंग चलती रही। अब निगम अधिकारियों की ओर से नोटिस मिल गया है। नोटिस मिलते ही पार्किंग बंद कर दी। -प्रदीप,संचालक, पार्किंग

पार्किंग संचालकों को दे दिया नोटिस

^पार्किंगसंचालकों को नोटिस दे दिया है। अवैध तरीके से वाहन चालकों से वसूली नहीं होगी। 31 तारीख से अब तक नगर निगम का बनने वाला रेवेन्यु जमा कराने के लिए पार्किंग संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। पूरे टेंडर के हिसाब से संचालकों को एवरेज के हिसाब रेवेन्यु जमा कराने का निर्देश दिया गया है। -विनोदनेहरा, सचिव, नगर निगम, पानीपत

सेटिंग कर चल रही थी पार्किंग : मेयर

नगरनिगम के मेयर सुरेश वर्मा का कहना है कि पार्किंग का टेंडर 31 जनवरी को खत्म हो चुका था। इस बात को अधिकारी जानते थे। मेयर का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह गोरखधंधा चल रहा था। अधिकारी पार्किंग संचालकों से पैसे वसूलते थे। यह कैसे संभव है कि किसी भी काम से जुड़े काम का समय खत्म हो जाए और अधिकारी कहें कि पता नहीं चल पाया। कोई जिम्मेदारी नहीं समझ सकता तो ऐसे अधिकारियों का तबादला होना चाहिए।

13 दिन में साढ़े 4 हजार रुपए एकत्र

पार्किंगचलाने वालों ने 13 दिनों में करीब साढ़े 4 हजार रुपए एकत्र किए। गाड़ियों बाइकों की संख्या के हिसाब से बातचीत की जाए तो रोजाना 3500 रुपए एकत्र होते हैं। ऐसे में पार्किंग संचालक बिना किसी की रोकटोक ही पार्किंग चलाते रहे। पालिका बाजार सुबह से शाम तक व्यस्त होने के कारण वाहनों की संख्या खूब रहती है। शाम के समय की बात की जाए तो यहां पर गाड़ियों के खड़े होने की जगह नहीं बच पाती।

पानीपत . नगरनिगम के पार्किंग में खड़े वाहन। फोटो|भास्कर