देशद्रोहियों का समर्थन करने वाले भी देशद्रोही : जैन
पानीपत | दिल्लीके जेएनयू में देश विरोधी नारों पर शुरू हुए सियासी घमासान की समाजसेवियों ने कड़ी निंदा की है। समाजसेवी नेमीचंद जैन ने कहा कि 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के दौरान सीपीआईएम ने चीन को मूक समर्थन दिया था। इससे पार्टी में बिखराव हुअा था। अब पार्टी फिर से देशद्रोहियों को समर्थन दे रही है।
देशद्रोह करने वाले उनका समर्थन करने वाले दोनों ही देशद्रोही हैं। ऐसे लोगों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। रविवार को पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर हम सबको एक होना चाहिए। इस दौरान रमेश कुमार, एडवोकेट रणवीर सिंह पूनिया, टेकराम दहिया, सुभाष कादियान मौजूद रहे।