परिजन बोले-साक्ष्यों ने उजागर किया पति का झूठ, जांच में बदल गए 15 अधिकारी
करनालसे करीब पौने तीन साल पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुई महिला के केस की जांच अब तक अनुसंधान अधिकारी पूरी नहीं कर पाए हैं। वहीं, परिजनों का आरोप है कि साक्ष्यों ने पति सहित ससुराल पक्ष के झूठ को उजागर किया है। पीहर पक्ष लगातार हत्या कर शव को फेंकने का आरोप लगा रहा है। पुलिस को दिए गए सबूतों के बाद अब तक मामला एएसआई, स्पेशल इंनवेस्टीगेशन टीम से लेकर स्टेट क्राइम ब्रांच सहित करीब 15 पुलिस अधिकारियों को सौंपा गया।
ससुरालवालों की मांग पर 5 माह पहले पानीपत पुलिस के पास आई फाइल
करनालपुलिस से विश्वास उठने के बाद पीहर पक्ष की मांग पर पानीपत डीएसपी सिटी दलबीर सिंह को जांच दी गई। करीब पांच माह पहले उनके पास आई इस फाइल पर अब धूल चढ़ गई है। वे भी इस केस की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पीहर पक्ष का आरोप है कि पुलिस अधिकारी मामले को दबाकर आरोपित को बचाने में लगे हैं। यहीं नहीं लगातार मामले की पैरवी करने पर पुलिस अधिकारियों ने उनकी ही मुसीबतें बढ़ाई हैं। महिला की मां का ही पॉलीग्राफ करवा दिया गया।
जसके तस है मामले की जांच
पानीपतके तहसील कैंप बरसत रोड निवासी दविन्द्र कौर की शादी 1994 में करनाल के ज्योति नगर निवासी जसविन्द्र सिंह से हुई। दविन्द्र के भाई दलजीत सिंह ने बताया कि 16 मई 2013 को पति ने बहन के लापता होने की फोन पर सूचना दी। चार दिन बाद 20 मई को पति ने करनाल सिटी थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करवाया था। बाद में ससुराल पक्ष ने उसकी हत्या कर शव को फेंकने का आरोप लगाया। तीन साल होने को हैं, मामला अब भी जस के तस है। पुलिस महिला का कोई पता नहीं लगा पाई है। पीहर पक्ष हत्या का आरोप लगा रहा है, लेकिन उसका शव भी बरामद नहीं हुआ।
कोई सबूत नहीं मिला : डीएसपी
^मामलेकी तफ्तीश जारी है। पति अन्य लोगों को बुलाकर पूछताछ कर ली है। अब तक हत्या का कोई सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगा। महिला की हत्या हुई, तो शव भी बरामद नहीं हुआ। मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।’
दलबीरसिंह, डीएसपी शहर
बहन की हत्या के मामले में जानकारी देते दलजीत सिंह।