समारोह लाइव
करनाल में शपथ
स्क्रीन पर भास्कर की कवरेज
पद की शपथ के साथ बेटियों ने लिए कई और संकल्प
पंचायतों में सोशल ऑडिट लागू करने की घोषणा
देखूं तेरी किस्मत मै के लिख रया
सीएम बोले-पहली बार जीतने वाले घबराएं नहीं, मेरी भी पहली पारी
कुलजीत कौर (21 )
बेटी पढ़ाना सिर्फ नारा रहे
सोनिया (24)
डिजिटल इंडिया में योगदान दूंगी
गुंजन दलाल (22)
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाऊंगी
पिंकी (25 )
महिलाओं के नाम पुरुषों की राजनीति ठीक नहीं
युक्ति चौधरी (27)
जहां बेटियां वहां जागरूक करूंगी
कूड़ा उठाने वाली ट्राली में पहुंची रिफ्रेशमेंट
सुरक्षा के लिए मुंहदिखाई
शपथदिलाने से पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने पूछा-बताएं कौन-कौन पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं। जवाब में पंडाल में बैठे ज्यादातर लोगों ने हाथ खड़े कर लिए। इस पर सीएम बोले- ‘मैं और आप एक लेवल पर खड़े हैं, अब चुनौतियों से मत घबराना। कुछ माह आपको समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, लेकिन फिर सब ठीक हो जाएगा’। इसके बाद सीएम ने कहा कि मैं भी पहली बार ही चुनाव लड़ा और जीतकर सीधे सीएम बना। पहले 5-6 महीने मुझे समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब सब ठीक है, इसलिए आप लोग किसी की आलोचनाओं से मत घबराना। बस अपना काम ईमानदारी से करते रहना।
‘गांवोंकी सरकार’ में सोशल ऑडिट: सीएमने घोषणा की कि गांवों में भी सोशल ऑडिट सिस्टम लागू किया जाएगा। जिला परिषदों, पंचायत समितियों और पंचों के वार्डों तथा पंचायतों में सोशल ऑडिट सिस्टम (सामाजिक लेखा परीक्षा प्रणाली) लागू किया जाएगा। सोशल ऑडिट सिस्टम के तहत 5 से 11 लोगों की समितियां बनाई जाएंगी। समिति में साफ छवि के व्यक्ति होंगे। समितियाें का मुख्य काम पंचायतों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों या पंचों के वार्डों के लिए किए जाने वाले कामों की समीक्षा करना होगा।
-हिमाचलप्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मनरेगा समेत अन्य योजनाओं के लिए पहले ही सोशल ऑडिट सिस्टम लागू है।
पहली बार जीतने वालों के हाथ बुलंद | समारोहमें जब मंच से सीएम मनोहर खट्टर ने पूछा कि पहली बार कौन-कौन जीतकर आए हैं हाथ खड़ा करें तो तकरीबन सभी ने अपने हाथ खड़े कर लिए।
पानीपत | कल्पनाचावला के शहर करनाल में जिला परिषद पंचायत समिति सदस्य के रूप में शपथ लेने आई पढ़ी-लिखी बेटियों का सबसे बड़ा संकल्प बेटी बचाने और बढ़ाने का भी रहा। चाहे हारवर्ड यूनिवर्सिटी से एलएलएम युक्ति हों या कंप्यूटर इंजीनियर सोनिया। उनके मन में कुछ ऐसा बड़ा कर गुजरने की चाहत है, जिससे समाज में बदलाव हो। ऐसे युवा जनप्रतिनिधियों से भास्कर ने बात की।
रेवाड़ी से शपथ लेने आई पिंकी का हाथ देखती उसकी सास भतेरी। हाथ पर पिंकी ने कुछ लिखा था, भतेरी ने चुटकी ली-देखूं किस्मत में क्या है।
शिक्षा-बीए फाइनल
जिप, करनाल
प्रदेश के सभी गांवों का समान विकास हो। गांव शहर में किसी तरह का अंतर नजर आए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा महज नारा रहे। हम सभी को समाज का नजरिया बदलना है। बेटा-बेटी में अंतर ही क्या है। बेटियां अब बड़े-बड़े पदों पर पहुंच चुकी हैं।
शिक्षा-बीटेक कंप्यूटरइंजीनियरिंग।
जिप, गुड़गांव
बेटी बचाअो, बेटी पढ़ाओ सबसे बड़ा संकल्प है। बेटियां यदि पढ़ेंगी तो समाज को लाभ होगा। मैं डिजिटल इंडिया बनाने में बड़ा योगदान देने का सपना संजोए हूं। बेटियां बेटों से कतई कम नहीं हैं। समाज को नई दिशा देने के लिए बेटियां बड़ा योगदान दे सकती हैं।
शिक्षा-एमए अंग्रेजी
जिप सदस्य, जींद
प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाना है। शिक्षा को बढ़ावा देना, खेलों में बेटियों की रूचि बढ़ाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाऊंगी। स्वच्छता एवं स्वच्छ पेयजल लाेगाें को उपलब्ध कराना है।
शिक्षा- ब्लाकसमिति सदस्य, पिल्लूखेड़ा
ब्लाक समिति सदस्य, पिल्लूखेड़ा
महिलाओं को राजनीति में एंट्री तो मिल जाती है, लेकिन राजनीति पुरुष करते हैं। ऐसा ठीक नहीं है। बेटियों की संख्या लगातार कम हो रही है। समाज की बहू बेटियों को जागरूक करना चाहती हूं। बेटियों की शिक्षा बहुत जरूरी है।
शिक्षा-हारवर्ड सेएलएलएम।
जिप, फतेहाबाद
बेटियों को बचाना है। जहां बेटियां कम है वहां लोगों को जागरूक करेंगे। शिक्षा भी अहम है। साक्षरता बढ़ेगी तो समाज की दिशा बदलेगी। पानी की समस्या दूर करने के प्रयास और बढ़ाने होंगे। कृषि उत्पादन में गुणवत्ता बढ़ानी होगी। ताकि सेहत से किसी तरह का खिलवाड़ हो।
डीडीपीओ कुलभूषण बंसल ने कहा कि रिफ्रेशमेंट की जिम्मेदारी असंध के एसडीएम के पास थी। असंध एसडीएम सुशील मलिक ने कहा कि कूड़े की ट्राॅली में रिफ्रेशमेंट आने की बात नॉलेज में नहीं। वैसे यह जिम्मा डीएफएससी देख रहे थे। डीएफएससी निशांत राठी ने पहले मना किया, फिर बोले-ट्रॉली मार्केट कमेटी सचिव की तरफ से आई थी।
जिला परिषद पंचायत समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण स्थल पर प्रवेश से पहले रही कड़ी सुरक्षा। बुर्के में आई सदस्य का मुंह देखती सुरक्षाकर्मी।