पशुता छोड़कर देवत्व पाने का करें प्रयास : आचार्य योगेंद्र
आर्यसमाज मॉडल टाउन में वीर हकीकत राय के बलिदान दिवस पर गायत्री महायज्ञ के दौरान आचार्य योगेंद्र ने प्रवचनों के दौरान कहा कि जिस प्रकार प्रकृति में पेड़-पौधे, घास आदि अपना स्वरूप बदल कर नया रूप धारण करते हैं, उसी प्रकार मानव के जीवन में उत्थान-पतन आते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को पशुता छोड़कर देवत्व काे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। सुख की तलाश में प्राणी भटकता रहता है लेकिन ईश्वर के सिवाय यह आनंद कहीं नहीं मिल सकता। वीर बालक हकीकत राय ने अपने धर्म, जाति,देश, सभ्यता और संस्कृति को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया। बड़े से बड़ा प्रलोभन भी उनको विचलित नहीं कर सका। इस बालक को अपनी चोटी और जनेऊ देना स्वीकार नहीं था।
चौधरी रणवीर एवं वीरमति ने ध्वजारोहण किया। यजमान चुन्नी लाल, कांता नागपाल, ओमप्रकाश, अमृत वर्षा, प्रेम बतरा, शशि अग्रवाल ने महायज्ञ में आहुति दी। अल्का आहूजा, संतोष सूटा, ईश्वर चौधरी, कर्मवीर द्वारा गाए गए भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। मंच संचालन शशि अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर प्रधान इंद्र मोहन आहूजा, मंत्री चमन लाल आर्य, अंजना बजाज, गुलशन नंदा, कृष्णा खटकड़, कृष्णा बजाज, शशि लूथरा, सविता बजाज, पुष्पा दुआ, ओम प्रकाश आर्य, तीर्थ राम आदि उपस्थित रहे।