मन से विकार रूपी जंग हटने पर ही आएगा सत्संग में आनंद : ज्ञानानंद
108श्री कांता देवी महाराज की अध्यक्षता में श्री प्रेम मन्दिर धाम के 60वें वार्षिकोत्सव प्रेम सम्मेलन का दूसरे सत्र में गणपति वंदन कर श्री राधा अष्टमी उत्सव समिति के सदस्यों विवेक कत्याल, संजय शर्मा, राजेश शर्मा, पुन्नु लाल बांगा ने मनमोहक भजन गाकर वातावरण को वृन्दावन धाम का रूप दे दिया।
सम्मेलन में वृन्दावन से आए महामण्डलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने प्रवचनों में कहा कि भगवान श्री कृष्ण का मात्र नाम लेने से मानव तर जाता है। नित्यप्रति गीता का अध्ययन करो। उन्होंने कहा कि मन में विकार होने पर सत्संग का प्रभाव नहीं होता। सत्संग अच्छा नहीं लगता। जब विकार रूपी जंग हट जाता है तो सत्संग अच्छा लगता है, सत्संग भाता है। अयोध्या से आए स्वामी राधेश्याम द्विवेदी और मुरथल से आए स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज ने प्रवचन दिए। कार्यक्रम में श्री प्रेम मंदिर सेवक सभा के प्रधान मनोहर लाल मिगलानी, पं. निरंजन पाराशर, पार्षद अशोक नारंग, जुगल किशोर नंदवानी, एडवोकेट प्रमोद खेड़ा, चंद्रभान वर्मा, जगदीश लाल ढींगड़ा, शशी असीजा, परमवीर ढींगड़ा, देसराज नारंग, अशोक जुनेजा, अरुण मिगलानी, राजू सेठी, सन्नी बरेजा, कौशल यशपाल अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
पानीपत. श्रीप्रेम मंदिर धाम में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।