इधर, सनौली क्षेत्र में भी कैंटर से चार पशु बरामद, चालक फरार
गाड़ी हथियार छोड़कर गांव में ही छिपे थे दो तस्कर, 3 महीने से रह रहे थे कवी में
रात में गायों को उठाने पहुंचे तस्करों से पुलिस की भिड़ंत, फायर कर भाग गए, सुबह 2 पकड़े
रविवाररात को केएसडी स्कूल के पास गायों को पकड़कर पिकअप में चढ़ा रहे गो तस्करों के साथ पुलिस की भिड़ंत हो गई। पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने चार राउंड फायर किए। बंदूक में गोली लोड करते हुए एक तस्कर को थाना प्रभारी ने पकड़ा तो वह धक्का देकर फरार हो गया। थाना प्रभारी कीचड़ में गिर गए। शोर-शराबा सुन लोग छतों पर पहुंचे लेकिन कोई बीच में नहीं आया। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर गाड़ी बंदूक छोड़कर फरार हो गए। रात भर तलाश अभियान के बाद दो आरोपियों को पुलिस ने गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों तस्करों को बुलाकर गायों की तस्करी करवाते थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
शहर की गलियों सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा घूमने वाली गायों की पिछले 15 दिन से हो रही तस्करी रोकने के लिए गोरक्षकों ने नाकेबंदी की हुई थी। गोरक्षक बिजेंद्र, गोविंद, विनीत मोनू ने बताया वे रात को सब्जी मंडी की दुकानों की छत पर बैठे थे। रात करीब एक बजे महिंद्रा पिकअप गाड़ी में लगभग 10 गोतस्कर आए और गायों को गाड़ी में भरने लगे। पुलिस को इसकी सूचना दी और शोर मचाते हुए तस्करों पर पत्थर बाजी की। तस्कर दो गायों को गाड़ी में डालकर भाग निकले। तस्कर शहर की गलियों से घूमते हुए केएसडी स्कूल के पास पहुंचे और वहां बैठी गायों को लोड करने लगे। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह गोरक्षा दल हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य मौके पर पहुंचे। तस्करों ने चारों ओर से अपने आप को घिरता देख पुलिस गोरक्षकों पर फायरिंग शुरू कर दी। थाना प्रभारी ने मौका पाकर एक तस्कर को उस समय पकड़ लिया जब वह बंदूक में गोली भर रहा था। बाद में वह भी छुड़ाकर भाग गया।
पानीपत. मतलौडामें पुलिस की गिरफ्त में आरोपी तस्कर
पानीपत. मतलौडामें पुलिस तस्करों से बरामद किए हथियार दिखाते पुलिस कर्मचारी।
दिन में करते थे बाइक से रेकी
सुबहकरीब 11 बजे कुछ गोरक्षकों ने बस अड्डे के पास उनमें से दो तस्करों को घूमते हुए देख लिया और उनको पकड़कर पिटाई कर डाली। उन्हें थाने ले जाने लगे तो दोनों आरोपी हाथ छुड़वाकर कॉलोनी के रास्ते खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस ने सरसों के खेत और कॉलोनी में तलाशते रहे। डर के मारे दोनों आरोपी खुद थाने में पहुंच गए। पुलिस का दावा है कि बस स्टैंड से उन्हें पकड़ा गया है। इनकी पहचान यूपी के शामली जिला निवासी रिजवान काला के तौर पर हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीन महीने से गांव कवी में किराए के मकान में रहते हैं और दिन में बाइक से इलाके में घूमकर गायों की रेकी करते हंै। फिर इसकी सूचना फोन से गोतस्करों को देकर उन्हें बुलाते हैं।