भाजपाअल्पसंख्यक म
पुलिस 1 लाख मांग रही थी, नहीं दिए तो घर में घुसकर रिश्तेदारों को उठा ले गई लोग ताने देते हैं; प्रधान बना फिरे है... िबरादरी में मेरी इज्जत चली गई : इसरार
भाजपाअल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महासचिव हाजी मोहम्मद इसरार दहेज प्रताड़ना के एक मामले में उनके रिश्तेदारों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर तनाव में थे। इसका खुलासा विधायक रोहिता रेवड़ी के कार्यालय में उनके द्वारा दिए गए 12 पेज के एक पत्र से हुआ है। भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी ने इस पत्र की जानकारी पुलिस को दी है। इसरार ने यह पत्र कार्यालय की छत पर जाने से पहले विधायक से कार्रवाई की उम्मीद में स्टाफ को दिया था। इसके बाद इसरार छत से गिर गए थे। पुलिस इसे खुदकुशी ही मान रही है।
पत्र के अनुसार इसरार पुलिसकर्मियों के बर्ताव से शर्मसार थे। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री, डीजीपी और आईजी को लिखे पत्र में उन्हाेंने आरोप लगाया कि एसआई विनोद और एएसआई विनीत उन्हेंे और परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। दहेज के एक केस में उनके दो रिश्तेदारों को इसरार के घर से पुलिस उठाकर पीटते हुए ले गई थी। सुरेंद्र रेवड़ी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करते हुए एसपी को शिकायत भेजी है। रेवड़ी ने बताया कि 22 जनवरी 2016 को इसरार ने दहेज प्रताड़ना के एक केस की विधायक रोहिता से शिकायत भी की थी। विधायक ने डीएसपी सिटी को शिकायत मार्क कर दी। वहां से फाइल थाना शहर के एसएचओ काे भेजी गई। एसएचओ ने केस की जांच एसआई विनोद कुमार और एएसआई विनीत को दे दी, जबकि दहेज प्रताड़ना के केस की जांच एएसआई विनीत ही कर रही थी। आरोप है कि विनीत और विनोद ने इसरार और रिश्तेदारों को परेशान करना शुरू कर दिया। 30 दिसंबर 2015 को सिटी थाना में इसरार के समधी के रिश्तेदारों पर धारा 498ए, 323, 406, 506, 376, 377 और 34 में केस दर्ज किया गया था।
शाम 03:44:56
शाम 03:15:03
सीढ़ियों कागेट खोलकर ऊपर गए। करीब पौने चार बजे ऊपर से अचानक फर्श पर गिरे। सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग ऊपर देखते नजर रहे हैं। फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
विधायक कार्यालयसे निकल कर इसरार ने छत की ओर देखा।
^मामला आत्महत्या का है। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की जांच चल रही है। अभी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।\\\' -अनिरुद्ध चौहान, थाना प्रभारी, चांदनी बाग
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार इसरार दोपहर बाद 2:41 बजे विधायक के कार्यालय पहुंचे। चाय-पानी लेने और बातचीत के बाद 3:15 बजे कार्यालय से निकले। सीढ़ी का दरवाजा खोलकर छत पर पहुंचे और 30 मिनट तक छत पर रहे। 3.45 बजे इसरार छत से गिर गए। अब सवाल ये है कि इतनी देर तक इसरार छत पर क्या कर रहे थे? 3:25 बजे उनके कुछ परिजन भी कार्यालय पहुंच गए। मोबाइल कॉल की डिटेल से ही इसका पता चलेगा।
^मेरा दहेज और रेप के इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसकी जांच में भी कभी मेरी ड्यूटी नहीं लगी। ऐसे में मेरा नाम लिया जाना ही गलत है। मैं आरोप लगाने वाले और मामले से संबंधी किसी व्यक्ति को नहीं मिला और ही कभी इसरार के घर गया।\\\' -एसआई विनोद, सिटी थाना
^महिला सेल में काउंसलिंग होने के बाद सिटी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। हम कौन हैं झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले। मैंने कोई सीधा मुकदमा दर्ज नहीं किया। मामले में यूपी के आरोपी थे। बार-बार नोटिस देने के बाद वे पेश नहीं हो रहे थे। तफ्तीश मेरे पास है। महिला पुलिस कर्मी ही 376 का मुकदमा दर्ज करती है। सिटी थाना से किसी भी पुलिस कर्मी को साथ लेकर जाना पड़ता है। कभी किसी को कभी दूसरे पुलिस कर्मी को लेकर तफ्तीश में गई थी। आरोपी तो यही कहेगा की झूठा आरोप है। रुपए लेने की बात बेबुनियाद है।\\\' -एएसआई विनीत, 30 दिसंबर को दर्ज हुए मामले की आईओ
इसरार की मौत के दो दिन बाद बुधवार को पुलिस हरकत में आई। गुरुवार को चांदनी बाग थाना के एसएचओ अनिरुद्ध और एफएसएल टीम विधायक रोहिता रेवड़ी के सनौली रोड स्थित कार्यालय पहुंची। टीम डेढ़ घंटा तक रुकी। टीम ने वीडियाे फुटेज देखी और फर्श से रक्त के नमूने लिए। कार्यालय में उपस्थित शक्ति सिंह, कार्यालय मैनेजर मनीष अरोड़ा से बातचीत की।
मेरे रिश्तेदारों पर झूठा केस : माईजीकॉलोनी के इलियास, असगरी उर्फ मिम्मी, उसमान, रिहासत और निजामुद्दीन ने जलालाबाद शामली की तरन्नुम से मिलकर मेरे समधी के रिश्तेदारों गाजियाबाद के जावेद और उसके परिवार वालों पर दहेज का झूठा केस दर्ज करवा दिया। फिर 5 लाख रुपए मांगे। 30 दिसंबर 2015 को दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। जहां से डीएसपी, फिर थाना सिटी के एसएचओ को शिकायत भेजी गई। एसआई विनोद और एएसआई विनीत से केस खत्म करने को कहा गया।
दोनोंने 20 हजार वसूले और कहा : कलमतो हमारी ही चलेगी, बड़े अधिकारी इस केस में क्या कर सकेंगे। फिर डरा-धमकाकर एक लाख रुपए मांगे। नहीं दिए तो मेरे घर की तलाशी ली। दो रिश्तेदारों को मेरे घर से पीटते हुए ले गए और हवालात में डाल दिया। उनके 46 हजार रुपए और मोबाइल भी ले लिए। इससे मेरे बच्चे डरे हुए थे। रात को मैं अपने बेटे के साथ सिटी थाना पहुंचा। जहां पर एसएचओ ने मुझे सामाजिक आदमी समझकर उन दोनों को छोड़ दिया, लेकिन पैसे मिले और ही मोबाइल।
बनाफिरे प्रधान, तेरे घर से ही दो मेहमानों को खींचकर ले गए : पुलिसकी कार्रवाई से मेरी पूरी बिरादरी में इज्जत चली गई। यह मेरे लिए बहुत ही शर्म और डूबकर मरने की बात है। किसी को भी मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहा। आज तक मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मुझे लोग ताने देते हैं, कहते हैं कि बना फिरे प्रधान तेरे घर से ही दो मेहमानों को खींचते हुए गाड़ी में डालकर ले गए।
मैंबहुत गरीब आदमी हूं : दोनोंपुलिस कर्मियों विनाेद और विनीत पर सख्त कार्रवाई हो। मेरे रिश्तेदारों पर दर्ज एफआईआर रद्द करें। ताहिर, तरन्नुम और उनके रिश्तेदार, मुझे और मेरे परिवार को मारने की धमकी दे रहे हैं। मेरे परिवार और रिश्तेदारों की जानमाल की रक्षा की जाए। मैं बहुत गरीब आदमी हूं। ये लोग पैसे और पावर वाले हैं।
(हाजी मोहम्मद इसरार ने यह पत्र छत से गिरने से पहले विधायक रोहिता रेवड़ी के कार्यालय में स्टाफ को दिया था। इसी पत्र से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे रिश्तेदार के दहेज मामले को लेकर तनाव में थे)
पानीपत. विधायकरोहिता रेवड़ी के सनौली रोड स्थित कार्यालय में घटनास्थल का मुआयना करती एफएसएल टीम। यहीं इसरार की छत से गिरने से मौत हुई थी।
हाजी इसरार