इधर, निजी एंबुलेंस चालकों की हड़ताल समाप्त, सरकार ने 4 फीसदी टैक्स घटाया
अब पीजीआई से मरीजों को वापस भी लाएंगी सरकारी एंबुलेंस
सरकारीएंबुलेंस अब पीजीआई में दाखिल जिले के मरीजों को वापस भी लाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके दिशा निर्देश जारी किए हैं। अभी तक एंबुलेंस सिविल अस्पताल से रेफर मरीजों को छोड़कर ही वापस आती थी। नए निर्देशों से पीजीआई के मरीजों को राहत मिलेगी। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधीन 16 एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं। हर दिन 70 से 80 मरीजों को ये अस्पताल पहुंचाती हैं।
सरकारी की तरफ से डिलीवरी, सड़क दुर्घटना, लाइफ सेविंग के मामले आदि के लिए फ्री एंबुलेंस सेवा दी हुई है। सरकारी अस्पताल में पहुंचने के लिए कोई भी व्यक्ति इस सुविधा को फोन कर ले सकता है।
प्राइवेट अस्पताल से भी अगर सरकारी में दाखिल होने आता है तो एंबुलेंस सेवा फ्री होती है। अन्य मामलों में या प्राइवेट अस्पताल में जाने के लिए 7 रुपए किलोमीटर एंबुलेंस किराया और 15 रुपए किलोमीटर एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस का किराया वसूल किया जाता है। जिले में 16 एंबुलेंस हैं। इनमें सिविल अस्पताल में 2 एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस, 2 किलकारी एंबुलेंस, अहर, बापौली समालखा सीएचसी में एक-एक, काबड़ी, सेक्टर 25, मतलौडा, नोलथा, नारायणा, उझा, पट्टीकल्याणा, पत्थरगढ़ में एक-एक एंबुलेंस है।
जिले में 102 नंबर पर फोन कर ले सकते हैं एंबुलेंस सुविधा
^जिलेमें 102 नंबर पर फोन कर सरकारी एंबुलेंस सेवा ली जा सकती है। फोन आते ही तुरंत एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाती है। डिलीवरी मामले में जिले और आसपास लगते क्षेत्र में सुविधाएं दी जा रही हैं। सुविधा और बढ़े इसके लिए 7 एंबुलेंस की और डिमांड भेजी है। जल्द कुछ एंबुलेंस मिल जाएगी। निजी एंबुलेंस अस्पताल में एक तरह से जबरदस्ती ही खड़ी होती है। फिर भी समाज सेवा के नजरिए से इन पर कार्रवाई नहीं होती। सरकार द्वारा तय रेट ही इन्हें लेने चाहिए।\\\' -डाॅ. नवीन सुनेजा, डिप्टीसिविल सर्जन, पानीपत
102 के दायरे में नहीं निजी एंबुलेंस
एंबुलेंसके लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर 102 के दायरे में निजी एंबुलेंस नहीं आती हैं। सरकारी अस्पताल में इनका रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में आरोप लगते हैं कि निजी एंबुलेंस संचालक मनमाने दाम वसूलते हैं। निजी अस्पतालों में सेवा देने के लिए ये एंबुलेंस रजिस्टर्ड हैं और जरूरत अनुसार मरीज फोन पर इन्हें सिविल अस्पताल में बुला सकता है। यहां निजी एंबुलेंस चालक इमरजेंसी के आगे एंबुलेंस खड़ी रखते हैं। मरीज जल्दबाजी में बैठते हैं और बाद में उनसे महंगा चार्ज वसूला जाता है। सरकार ने 7 रुपए प्रति किलोमीटर का रेट तय किया हुआ है।
चार दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे निजी एंबुलेंस संचालकों ने गुरुवार को हड़ताल समाप्त कर दी। एंबुलेंस एसोसिएशन पानीपत प्रधान अमरजीत मान ने बताया कि हर जिले से दो-दो प्रतिनिधि चंडीगढ़ में सीएम ओएसडी जवाहर यादव से मिले और परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार से भी फोन पर बात हुई। उन्होंने बताया कि टैक्स 6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज से ज्यादा किराया नहीं वसूला जाता। जायज रेट पर उचित सुविधा दी जाती है।
पानीपत. हड़तालके बाद निजी एंबुलेंस चालक अस्पताल से धरना स्थल से निकलते हुए।