रेलवे स्टेशन से हटाए स्पेशल फोर्स और कमांडो
पानीपतरेलवे स्टेशन पर लगाई गई सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई है। मुख्य गेट पर लगाया गया डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर को भी हटा लिया गया है। इसके साथ ही मॉडल टाउन की ओर से तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी ने भी ड्यूटी देना बंद हो गए हैं।
स्पेशल फोर्स कमांडो भी वापस बुला लिए गए हैं। जीआरपी थाना इंचार्ज नरेश कुमार का कहना है कि अभी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर में खराब हो गया था। इसे मरम्मत के लिए भेजा गया था। ठीक हो गया है। जल्दी ही लगा दिया जाएगा। पानीपत रेलवे स्टेशन पर 15 जनवरी, 2016 को पानीपत से अंबाला जाने के लिए स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-4 पर खड़ी 64543 मेमू पानीपत-अंबाला पैसेंजर ट्रेन के इंजन कोच में शाम 5:00 बजे बाइक की बैट्री में विस्फोट कराया गया था। विस्फोटक सामान को बैट्री के माध्यम से टाइमर से जोड़ा गया था।
विस्फोट में कोच की खिड़कियों के 4 शीशे सीट की फट्टियां टूट गई थी। ट्रेन को शाम 5:50 बजे अंबाला के लिए रवाना होना था। विस्फोट ट्रेन में आगे से इंजन की तीसरी खिड़की के पास हुआ था। विस्फोट के समय कोच में बैठी एक महिला बाल-बाल बच गई थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी, सिविल पुलिस, बम निरोधक, डोग स्क्वायड एफएसएल की टीम पहुंची थी। मामले की जांच में आईएनए, क्राइम ब्रांच, सीआईए, जीआरपी सिविल पुलिस लगी हुई है। घटना के 26 दिन बीतने के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पग पाया है।
पानीपत . रेलवेस्टेशन पर बम ब्लास्ट के 28 दिन बाद स्पेशल सुरक्षा कर्मी हटा लिए गए।
पानीपत-अंबाला पैसेंजर ट्रेन में इंजन की तीसरी खिड़की के पास 15 जनवरी को शाम 5:00 बजे हुआ था विस्फोट