किसान इनका रखें ध्यान

5 वर्ष पहले
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} एक ही क्षेत्र में मिश्रित फसलें लेनी चाहिए, इनमें मिश्रित फसल, अंतर फसल पट्‌टीदार खेती शामिल है।

} एक ही फसल को विभिन्न प्रकार से उगाएं।

} खेत के बाहर से बीज खरीदने की बजाए स्थानीय सुधरी हुई किस्मों के बीज जमा करने चाहिए।

} दूसरे किसानों के साथ बीज के बदलाव से विविधता बढ़ती है। ऐसी कई पारंपरिक फसलों का अस्तित्व सुनिश्चित होता है जो खत्म हो गई हैं।

पानी का उपयोग

शुष्कभूमि में पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग जैविक खेती का उतना ही हिस्सा है जितना कि अन्य तकनीकें। बाकी संसाधनों की तरह जैविक किसानों को उस पानी का इस्तेमाल करना चाहिए जो स्थानीय रुप से उपलब्ध हो। कई तरीकों से पानी का सावधानीपूर्वक प्रयोग किया जाता है जैसे सीढ़्ीदार स्थान, बािरस के पानी से बनाए हुए बेसिन या जलग्रहण और सावधानीपूर्वक सिंचाई। मिट्‌टी में जैविक पदार्थों को मिलाना ताकि उसकी पानी ग्रहण करने की क्षमता सुधर सके। मिट्‌टी की सतह को सुखाने और बहुत अधिक जमा होने से रोकने के लिए मिट्‌टी में पानी ग्रहण करने की क्षमता बनाए रखना।

पशुपालन: जैविकपद्धति से जानवरों की देखभाल करना महत्वपूर्ण माना जाता है। जानवरों को सीमित जगह में नहीं रखना चाहिए, उन्हें व्यायाम के लिए बाहर भी ले जाना चाहिए। जानवरों के लिए खाना जैविक तरीके से पैदा करना। स्थानीय जरूरतें, हालात और स्त्रोतों के अनुकूल नस्लें चुनी जानी चाहिए। ताकि पशु स्वस्थ रह सके और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके।

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