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सेक्टर-25 पार्ट-2 में 4 मरला प्लॉट 74 लाख में बिका, सेक्टर-24 के 8 मरला के प्लॉट ‌‌~44 लाख में बिके थे

5 वर्ष पहले
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हुडासेक्टर-25 पार्ट-2 (मित्तल मेगा मॉल के पीछे) के 45 प्लॉटों की सोमवार को हुई ऑनलाइन बोली में नोटबंदी के 90 दिनों बाद लगातार सुधर रहे आर्थिक हालात का असर दिखाई दिया। 25 लाख के बेस प्राइस वाले 4 मरले का (121 वर्ग गज) खाली प्लॉट 74 लाख रुपए में बिका। शहर के सबसे प्राइम लोकेशन पर हाेने के कारण सभी प्लॉट बेस प्राइस से 10 लाख रुपए से अधिक में बिके। न्यूनतम 33 लाख रुपए में एक प्लॉट बिका। शेष सभी प्लॉट इससे अधिक में बिके। सभी प्लॉट 4 मरले के थे।

तेजी से सुधर रहे आर्थिक हालात के कारण सेक्टर-25 पार्ट-2 की जमीन के लिए लोगों में क्रेज ऐसा रहा कि 2 माह पहले सेक्टर-24 (चांदनी बाग थाना के पीछे) जहां 8 मरले का प्लॉट अधिकतम 43.90 लाख रुपए में बिका था वहीं इस बोली में सेक्टर-25 पार्ट-2 में 4 मरला जमीन 74.45 लाख रुपए में बिकी। प्रॉपर्टी एडवाइजर कहते हैं कि सभी प्लॉट नोटबंदी से पहले 2 से 5 लाख कम रुपए में बिकते यानी, कीमत में इजाफा ही हुआ है। इससे पहले 7 दिसंबर को सेक्टर-24 के कई प्लॉट बेस प्राइस से भी कम कीमत में बिके थे। सोमवार को हुई बोली में करीब 12500 लोगों ने हिस्सा लिया। 44 प्लॉट शाम 6 बजे तक ही बिक गए। प्लॉट नंबर 1243-पी के लिए जबरदस्त बोली लगी। शेष 44 प्लॉटों की कीमत के रूप में हुडा को 18 करोड़ 91 लाख 16 हजार 800 रुपए में मिले।

पानीपत. सेक्टर-25पार्ट-2 में एक मकान में प्लाॅटों की ऑनलाइन बोली लगाते शहरवासी।

बोली में प्लॉट हासिल करने वालों को 24 घंटे के अंदर कुल रकम का 8 फीसदी हुडा के पास जमा कराना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो प्लॉट की बोली रद्द हो जाएगी। 8 फीसदी रकम जमा कराने के बाद 4 माह के अंदर सभी शेष रकम भी जमा कराने होंगे।

बोली में भाग लेने के लिए अगर आपको कोई जानकारी चाहिए तो टोल प्लाजा के पास स्थित हुडा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ग्राउंड फ्लोर पर सिस्टम ऑफिसर तरुण अरोड़ा के पास इसका पूरा प्रोफाइल है। अरोड़ा से आप बोली संबंधी सभी जानकारियों आसानी से ले सकते हैं। सिस्टम ऑफिसर ने कहा कि वह तो प्रोफाइल लेकर बैठे रहते हैं ताकि कोई जानकारी लेने आए।

बोली में हिस्सा लेने के लिए लोगों ने हुडा के खाते में 2 फीसदी सुरक्षा राशि तो जमा करा दी, लेकिन जागरुकता के अभाव में बोली में भाग नहीं ले पाए। शर्त थी कि सुरक्षा राशि जमा कराने के बाद हुडा ऑफिस से इसका अप्रूवल लेना होगा। हुडा के खाते में पैसा जमा कराने के बाद 30 लोग निश्चिंत हो गए। उन्हें जानकारी ही नहीं थी कि अप्रूवल भी लेना है। सोमवार को जब बोली के लिए वेबसाइट खोली तो लॉगइन हुआ ही नहीं। हुडा ऑफिस फोन कर पता किया तो बताया गया कि अप्रूवल नहीं लेने के कारण वे बोली में भाग नहीं ले सकते। बोली में भाग लेने के लिए 1000 रुपए फीस रखी गई थी। लोगों के ये पैसे भी डूब गए।

20 करोड़ रुपए में बिके 4 मरला के 45 प्लॉट

वर्ष 2002 में सेक्टर-25 पार्ट-2 के 870 प्लॉट औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लेबर के लिए अलॉट हुए थे। जिसमें यहां के उद्यमियों और अफसरों ने जबरदस्त धांधली की। अफसरों से मिलीभगत कर उद्यमियों ने अपनी प|ी, बहू-बेटों परिवार के अन्य सदस्यों को अपनी फैक्ट्री का लेबर बनाकर आवेदन कर दिया और अमीरों के नाम प्लॉट अलॉट हो गए। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर की शिकायत पर 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। 29 पर एफआईआर हुई और 55 प्लॉट रद्द हुए थे। केस अभी भी पानीपत की कोर्ट और लोकायुक्त के पास चल रहा है।

मित्तल मेगा मॉल के पीछे कॉर्नर वाला प्लॉट नंबर 1243-पी 74.45 लाख रुपए में बिका। इसके लिए 13 घंटे 40 मिनट तक बोली चली। सुबह 9 बजे शुरू हुई बोली रात 10:40 बजे खत्म हुई। रात 10 बजे तक 12 लोग प्लॉट की बोली लगा रहे थे। अंत में 3 लोग रहे गए। अंत में 74 लाख 45 हजार 171 रुपए में बोली समाप्त हुई। इस प्लॉट की बेस प्राइस 24.95 लाख रुपए तय की गई थी।

639-ए 38लाख

711-बी48लाख

711-सी47.41लाख

104943.61लाख

1242 55.47लाख

145645.56लाख

624 33.31लाख

(सबसे कम कीमत में बिका)

896 38.70लाख

904-पी54.83लाख(कॉर्नरका प्लाॅट)

कमियों से भरे 6 सेक्टर शामिल करने पर निगम ने हुडा से 60 करोड़ रुपए मांगे थे लेकिन हुडा के पास पैसा नहीं है। सरकार ने यह वादा किया है कि हुडा के जो प्लॉट बिकेंगे, उसका 50 फीसदी हिस्सा नगर निगम को सौंपा जाएगा। निगम यह पैसा हुडा के सीवर, सड़क आदि निर्माण में लगा सकेगा।

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हुडा के 6 सेक्टर पहले ही नगर निगम में शामिल किए जा चुके है। अन्य सेक्टर भी जल्द ही निगम में शामिल किए जाएंगे। हुडा आर्थिक बदहाली में है। जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। जिसे हटा पाने में हुडा के अफसर असफल साबित हो रहे हैं। इसलिए जल्दी-जल्दी प्लॉट बेचकर आर्थिक हालत सुधारने का प्रयास है।

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