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गैस एजेंसियों को मिल रही स्वाइप मशीन और ही पेटीएम हो रहा रजिस्टर्ड

5 वर्ष पहले
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पानीपत | सरकारकी कैश लेस योजना से जिला प्रशासन बैंकों की अनदेखी के चलते गैस एजेंसियां जुड़ नहीं पा रही हैं। कैशलेस के लिए जरूरी स्वाइप मशीन की मांग पेटीएम रजिस्टर्ड कराने के लिए आवेदन किए हुए कई एजेंसियों को तो 55 दिन तक बीत गए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि बैंक अधिकारी उन्हें आजकल-आजकल कह कर खाली हाथ लौटा रहे हैं। इससे उपभोक्ता उन्हें दोनों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

जिला में 14 शहरी 11 ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर 25 गैस एजेंसियां हैं। इनसे गैस कनेक्शन के घरेलू कमर्शियल 3 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। समय की बचत सरकार की योजना का लाभ पाने के लिए रोजाना उपभोक्ता क्रेडिट या डेबिट कार्ड से सिलेंडर की मांग करते हैं, लेकिन सिलेंडर कैश देकर ही लेने को मजबूर हैं। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे मशीन रही है, उन्हेें वितरित कर रहे हैं।

येहैं गैस एजेंसियां

पानीपतगैस एजेंसी, शालिनी गैस एजेंसी, जनता गैस एजेंसी, सविता गैस एजेंसी, महिवाल गैस एजेंसी, सलूजा गैस एजेंसी के अलावा काबड़ी, राणा माजरा, उरलाना, मतलौडा, बापौली, इसराना, समालखा में एजेंसियां हैं। पानीपत गैस एजेंसी के संचालक रमन पुहाल का कहना है कि उन्होंने 55 दिन पहले स्वाइप मशीन के लिए सनौली रोड स्थित एसबीआई बैंक में अप्लाई किया था। अब तक मशीन नहीं मिली। यही हालात अन्य एजेंसियां में भी हैं।

मशीनआते ही कर रहे हैं वितरीत

एलडीएमराकेश वर्मा का कहना है कि मशीन आते ही इन्हें वितरीत कर दिया जाता है। 55 दिन बाद भी मशीन किसी को नहीं मिली, इसकी शिकायत लेकर कोई हमारे पास नहीं अाया है। एजेंसियों से जुड़े बैंकों से इस बारे में पता लगाएंगे कि मशीन मिलने में देरी क्यों लगी है। जिन्हें नहीं मिली है, उन्हें जल्दी उपलब्ध कराई दी जाएगी।

जिले में हैं 25 गैस एजेंसियां और 3 लाख उपभोक्ता

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