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जाट विधायकों का मांगा समर्थन, बार वकील के प्रतिनिधि भी पहुंचे धरने पर

5 वर्ष पहले
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पानीपत. उग्राखेड़ी गांव में चल रहे जाट समाज के धरने के मंच से जिले के दोनों जाट विधायकों को धरने में पहुंचने का आह्वान किया गया। आरोप लगाए गए कि विधायक धरने में आना तो दूर उल्टे गांवों में लोगों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को कई अन्य बिरादरियों से लोग धरने में पहुंचे। रोड़ समाज मंच के प्रदेशाध्यक्ष छज्जूराम झांबा के साथ समाज के कई प्रतिनिधि समर्थन देने पहुंचे। जिला बार के वकीलों ने भी पहुंचकर धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। जाट सहित पांच बिरादरियों को आरक्षण देने और पिछले आंदोलन के मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। 

धरनास्थल पर लगातार भीड़ बढ़ रही है। दो दिन से महिलाएं भी भागीदारी देने लगी हैं। धरना स्थल पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी प्रताप सिंह दहिया और प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक ने आह्वान किया जिले के जाट विधायक धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दें। उन्होंने आरोप लगाए कि विधायक गांवों में लोगों को धरने में आने से रोक रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि 36 बिरादरी के लोग धरने में आ रहे हैं। समाज के लिए समालखा और पानीपत ग्रामीण विधायक भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। ताजपुर के पूर्व सरपंच आरके शर्मा ने कहा कि धरना शांतिपूर्वक और जायज मांगों के लिए चल रहा है। सरकार अपना वादा निभाए। उन्होंने समाज के हर गरीब को आरक्षण देने की पैरवी भी की। महिलाएं गीत गाकर धरना स्थल पर एकजुट हुई। धरने पर लोगों का मनोरंजन करने के लिए राष्ट्रपति से अवार्ड प्राप्त दरियाव सिंह मलिक, ओमप्रकाश शेरा ने चुटकुले सुनाए। 
 
‘आरक्षण की मांग जायज’
धरना स्थल पर रोड़ समाज मंच प्रदेशाध्यक्ष छज्जूराम झांबा, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह सिरसल, संगठन सचिव हवासिंह कारखाना, ईशम सिंह जोली, चतर सिंह पोपड़ा, शुगर मिल डायरेक्टर गुलाब सिंह खंडरा भी पहुंचे। छज्जूराम झांबा ने रोड़ समाज की तरफ से आरक्षण धरने में अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जाट, रोड़, त्यागी, जट सिख खेती से जुड़ी जातियां हैं और लगातार पिछड़ रही हैं। झांबा ने कहा कि आरक्षण की मांग जायज है। 
 
नोटिसाें से घबराने की जरूरत नहीं
जिला बार के वरिष्ठ वकील मुख्तियार सिंह गुलिया, पूर्व प्रधान सितेंद्र सिंगरोहा भी कई वकीलों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। मुख्तियार सिंह गुलिया ने कहा कि प्रशासन के दिए जा रहे नोटिस से घबराने की जरूर नहीं है। शांतिपूर्वक धरना दें तो कोई अपराध नहीं है। बार के वकील जिला कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक समाज की पैरवी को तैयार हैं। धरने में पहुंचे वकीलों में कृष्ण अहलावत, रोहित कुंडू, प्रदीप रोड़, नवदीप शर्मा, कर्णपाल खटकड़, जोगिंद्र अंतिल, संदीप कुंडू, दीपक मलिक, नवदीप मलिक, प्रियजीत वीरवाल, प्रदीप अहलावत, विश्वजीत सिवाच, अमित खर्ब, राजबीर घनघस, जसविंद्र मंडोत्रा, मोहन रोड़, सतपाल जागलान, ईश्वर जागलान शामिल रहे। 
 
बांटे सर छोटूराम के कैलेंडर 
धरना स्थल पर पहुंचे लोगों को किसान मसीहा के तौर पर विख्यात दिनबंधु सर छोटूराम के चित्र वाले कैलेंडर बांटे गए। जाट सभा और भारतीय किसान यूनियन ने कैलेंडर तैयार करवाए हैं। इन पर किसान की एकजुटता के लिए संदेश भी लिखा है। 

सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा आज: डीसी चंद्रशेखर खरे ने आंदोलन के शांति और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए मंगलवार को सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट की बैठक लघु सचिवालय में बुलाई है। जिले में 18 डयूटी मजिस्ट्रेट प्रशासन की तरफ से नियुक्त किए हैं। उग्रा खेड़ी धरने से कुछ दूर स्कूल में पुलिस फोर्स तैनात है।
 
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