पिहोवा। पिछले साल इस्माइलाबाद स्थित डीएफएससी के गोदाम से करोड़ों रुपए के गेहूं घोटाले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर 56 लाख रुपए की रिकवरी की गई। हालांकि यह दीगर बात है कि इस घपले से सरकार को करीब 18 करोड़ की चपत लगी है। पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में जांच जारी है।
कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी होगी। इसके बाद ही पूरे गेहूं घोटाले का पर्दाफाश होगा। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को मुख्य आरोपी रामनिवास से 56 लाख रुपए की रिकवरी की है।
डीएसपी चंद्रपाल ने बताया कि घोटाले के मुख्य आरोपी डीएफएससी के इंस्पेक्टर रामनिवास से पूछताछ के बाद सोमवार को इस्माइलाबाद के गांव कुम्हार माजरा की एक राइस मिल की अलमारी से 56 लाख रुपए बरामद किए हैं। इस मामले में अभी तक चार आरोपी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारी रामनिवास, राइस मिलर नछत्तर सिंह, चौकीदार गुरजंट व चौकीदार राजेश को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें मुख्य आरोपी रामनिवास है, क्योंकि रामनिवास पर ही उक्त गोदाम की देखरेख का जिम्मा है। रामनिवास भाजपा नेत्री का पति है। उक्त नेत्री ने भाजपा की टिकट पर गत विस चुनाव भी लड़ा और हार गई थी। रामनिवास को गत 27 जनवरी को गिरफ्तार किया था। तब से पुलिस रामनिवास को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के बाद ही मिलर नछत्तर सिंह व दो चौकीदारों को पुलिस ने पांच व छह फरवरी को गिरफ्तार किया। रामनिवास को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट ने जेल भेज दिया। जबकि अन्य आरोपी 11 फरवरी तक रिमांड पर हैं। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में अभी जांच जारी है और इसमें बड़े खुलासे ही संभावना है।
क्या है मामला : पिछले साल इस्माइलाबाद सहित कई जगह डीएफएससी टीम द्वारा छापामारी भी की गई थी। इस्माइलाबाद में 18 करोड़ के गेहूं घोटाले को अंजाम दिया था। मामला उजागर होने के बाद काफी समय से इस मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ की एक टीम मौके पर भी पहुंची थी। जिसमें गायब गेहूं के साथ गेहूं खराब होने का मामला भी सामने आया था। विभाग ने सात लोगों को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।