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मलिक-कादियान सुबह के भूले, शाम को लौटे

7 वर्ष पहले
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ये दोनोंखुद ही मान गए। कई दिनों तक दावे ठोकते रहे कि निर्दलीय लड़ेंगे। नामांकन के आखिरी दिन यू-टर्न मार लिया और पार्टी की सेवा की सौगंध खाई। ये हैं पूर्व विधानसभा स्पीकर एवं इनेलो नेता सतबीर कादियान और कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष जगदेव मलिक। दोनों अपनी-अपनी पार्टी से पानीपत ग्रामीण सीट का टिकट मांग रहे थे। नहीं मिला तो पार्टी को आंखें दिखाने लगे। अब मलिक सफाई दे रहे हैं कि सीएम का फोन आया था, इसलिए अब वह पार्टी में ही रहेंगे। वहीं, कादियान की मजबूरी यह है कि उनके बेटे देवेंद्र कादियान ने अभी राजनीति शुरू ही की है। ऐसे में कादियान नहीं चाहते थे कि देवेंद्र कादियान के लिए इनेलो का दरवाजा बंद हो जाए।