पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 35 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा, धान की फसल को नुकसान

35 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा, धान की फसल को नुकसान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आंधी से ऑल्टो ने खाई चार पलटी

क्षतिग्रस्त कार को सीधा कर सड़क पर लाते राहगीर।

सेक्टर 6 : शाम5:05 से सुबह 6 बजे तक

धर्मगढ़: शाम5 बजे से 8:55 बजे तक

बापौलीऔर जलालपुर : शाम5:05 से 8:10 बजे तक

बाबरपुर: शाम5:05 से रात 11 बजे तक

सेक्टर13-17 : शाम5:05 से 8:15 बजे तक

कुटानीरोड : शाम5:20 से 8:10 बजे तक

नारायणा: 5:30से रात 11 बजे तक

मांडी: शाम5:20 से 7:20 तक

जेपीसीमेंट : शाम6:50 से रात 11:30 बजे तक

सनोलीरोड इंडस्ट्रीज फीडर : शाम5:30 से 9:15 बजे तक

जनकपुरी दिल्ली निवासी नवीन अपनी प|ी के साथ रविवार को अपनी ऑल्टो कार से चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। शाम को जब कार पानीपत में सेक्टर 6 के सामने फ्लाइओवर से नीचे उतर रही थी तो हवा के तेज झोंके से कार पलट गई। स्पीड के चलते कार ने चार पलटी खाई और डिवाइडर को क्रॉस करते हुए पानीपत से चंडीगढ़ की ओर जाने वाली लेन पार कर ग्रिल से जा टकराई। आसपास अन्य वाहन होने से बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने कार पलटी देखी तो तुरंत मौके पर पहुंचकर कार के अंदर से नवीन और उसकी प|ी को बाहर निकाला। दोनों सही सलामत हैं। नवीन के सिर और बाजू पर कुछ चोट आई हैं। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को सड़क से हटाया। निजी अस्पताल में उपचार के बाद अन्य सवारी से दंपती दिल्ली रवाना हो गया।

चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहा था दंपती, सेक्टर 6 के सामने यमुना एनक्लेव के पास हादसा

> 15 मिनट की आंधी से ठप हुई बिजली व्यवस्था, शहर में देर रात तक बहाल नहीं हुई बिजली आपूर्ति

भास्करन्यूज | पानीपत

आंधीऔर बारिश में रविवार की शाम यमुना एनक्लेव के पास तेज हवा के झौंके ने फ्लाइओवर से नीचे उतर रही एक ऑल्टो कार को पलट दिया। कार ने चार पलटी खाई और डिवाइडर को क्रॉस करते हुए पानीपत से चंडीगढ़ की ओर जाने वाली लेन पार कर ग्रिल से जा टकराई। इस हादसे में कार में सवार दंपती बाल-बाल बच गया।

15 मिनट की आंधी से जिलेभर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली की 9 लाइन में खराबी आने से शहर में भी देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। शिकायत नंबर पर फोन की घंटी घनघनाती रही, लेकिन कोई जवाब देने के लिए सामने नहीं आया। 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। सूखे मार झेल रहे किसानों पर