आपसी मतभेद थे यह चलता है : तंवर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पहली बार स्वीकारी मतभेद की बात
इस्तीफे के बारे में खबर नहीं : हुड्डा
कांग्रेसके प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर ने पहली बार स्वीकार किया कि उनके और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच टिकट वितरण को लेकर मतभेद थे। हालांकि इसके बाद उनका यह भी कहना है कि राजनीति में चलता रहता है। वह पार्टी को जिताने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। टिकट बंटने और फिर नाराजगी के बाद तंवर से इसी से जुड़े मुद्दों पर बात की...
सवाल1 : टिकटवितरण से आप संतुष्ट नहीं थे, हस्ताक्षर भी नहीं किए, क्या आप प्रचार के लिए जाएंगे
जवाब: मैंपार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूं। पार्टी को जिताने के लिए प्रचार पर जाऊंगा। जो भी वर्कर मुझे बुलाएगा, मैं वहां वोट मांगूंगा। मैंने ही सभी अथॉरिटी लेटर पर हस्ताक्षर किए हैं।
सवाल2 : खबरेंहैं कि गीता भुक्कल आपको मनाने पहुंची थीं
जवाब: गीताभुक्कल अपने निजी काम से मेरे पास आईं थीं। मुझे मनाने की कोई जरूरत नहीं।
सवाल3 : टिकटवितरण में आपकी चली नहीं, जिन बागियों का विरोध कर रहे थे, क्या उनके लिए भी वोट मांगेंगे
जवाब: मैंनेअपनी बात पार्टी के सामने रख दी थी। नाराजगी तो चलती रहती है। आपसी मतभेद हो जाते हैं। जहां तक वोट मांगने की बात है, पार्टी लीडर होने के नाते आमंत्रण पर जाऊंगा।
सवाल4: तोक्या मतभेद दूर हो गए हैं, हुड्डा के साथ खड़े होंगे
जवाब:पार्टीमेरे लिए मां के समान है। जैसा आदेश होगा, वैसा किया जाएगा।
सवाल5: कितनीसीटों का दावा करते हैं आप
जवाब:कांग्रेसदो तिहाई सीटें जीतेगी।
जीतकर लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाएगी।
सोनिया काे पत्र लिख जताई नाराजगी
नईदिल्ली | प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर टिकट बंटवारे में अपनी अनदेखी से अभी भी नाराज हैं। तंवर ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया। साथ उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश भी की है। तंवर के इस कदम बाद गुरुवार को कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की।
इस मान-मन्नौवल के बीच तंवर के कई समर्थक दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने तंवर के आवास पर उनके समर्थन में नारेबाजी की। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गंाधी ने तंवर को आश्वसन दिया है कि पार्टी में उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके बाद तंवर की नाराजगी कु