पानीपत शहर
रोहिता रेवड़ी ने खाई एडीसी के किचन से चीनी, फिर भरा नामांकन
वोट लेने के इरादे, नेताओंं के वही पुराने वायदे
इसराना विधानसभा क्षेत्र
पानीपत ग्रामीण
{ सीवर सिस्टम ठीक करना और पेयजल की सप्लाई में सुधार, ताकि सबको पीने का स्वच्छ पानी मिले।
{ सफाई की व्यवस्था को पटरी पर लाने सहित रूटीन की समस्याओं का हल करना। शिक्षा स्वास्थ्य पर जोड़।
{ औद्योगिक सुरक्षा : उद्योग को बिजली, पानी और सड़क मुहैया कराना।
चुनौतियां: रोहितारेवड़ी का कहना है कि कांग्रेस विरोधी लहर को समेटकर भाजपा के पक्ष में करना ताकि शहर को एक ऐसा प्रतिनिधि मिले जो उनकी सुने। हालांकि, रोहिता रेवड़ी के सामने सरदार पंजाबी और मुस्लिम वोट को अपने पक्ष में करने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
ताकत: महिलाहोने के नाते महिलाओं का मिल रहे समर्थन को रोहिता रेवड़ी अपनी ताकत बताती हैं। हालांकि, व्यापारी वर्ग और हैदराबादी पंजाबी में सुरेंद्र रेवड़ी की पकड़ इनकी सबसे बड़ी ताकत है।
\\\"शहर की तर्ज पर विकास\\\'
1.गांवों में बिजली,पानी का उचित व्यवस्था करवाना।
2. गांवों का शहर की तर्ज पर विकास करवाना।
3. युवाओं की शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज खुलवाने सहित रोजगार के अवसर बढ़ाना।
ताकतबलबीरसिंह कांग्रेस सरकार में करवाए गए विकास कार्यों को लोगों के सामने रखकर जीत का दम भर रहे हैं। सबसे बड़ी ताकत वाल्मीकि समाज में उनकी मजबूत पकड़ है। इसके अलावा वो एक अच्छे वक्ता भी हैं। वहीं, चुनाव हारने के बाद भी लोगों के बीच में रहे, इसलिए उन्हें लोगों समर्थन मिल रहा है।
चुनौतियांबलबीरवाल्मीकि के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पिछली हार को भूलकर आगे बढ़ने की है। वहीं कांग्रेस के खिलाफ चल रही परिवर्तन की लहर से पार पाना उनके लिए चुनौती है। इसके अलावा जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिला, वो भी उनका विरोध कर रहे हैं।
1-हलके में खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधा को बढ़ावा नौकरी।
2-शिक्षा के क्षेत्र में बचे कामों को पूरा कराना।
3-हलका में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पीजीआई की स्थापना कराना।
चुनौतीपिछलीबार हजकां के टिकट से चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल विधायक धर्मसिंह छौक्कर इस बार कांग्रेस से टिकट लाने में कामयाब तो हो गए। पहले से ही पार्टी के नेता कार्यकर्ता उनको टिकट देने की बात कह चुके थे। अब टिकट मिलने पर पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष संजय छौ