शुगर मिल बंद हुई तो भाकियू देगी धरना
प्रबंधन टीम की राजनीति का शिकार है मिल
पानीपत | भारतीयकिसान यूनियन ने पानीपत चीनी मिल की एमडी रनजीत कौर से मुलाकात कर बार-बार मिल बंद होने के बारे में बातचीत की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मिल बंद हुई तो यूनियन मिल के बाहर धरने पर बैठ जाएगी।
यूनियन ने इस बारे में 18 दिसंबर को प्रदेशस्तरीय बैठक करने की घोषणा की। जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल की अध्यक्षता में किसानों का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को मिल की एमडी रनजीत कौर से मिला। रावल ने बताया कि मिल 19 नवंबर को शुरू हुई थी। तब से लेकर 11 दिसंबर तक इन 22 दिनों में मिल 9-10 बार बंद हो चुकी है। किसानों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए मिल को सुचारू रूप से चलाया जाए।
चूहड़ सिंह रावल ने कहा कि पानीपत चीनी मिल किसानों द्वारा चुने गए निदेशकों मिल प्रबंधन के कुछ अधिकारियों की बीच चल रही राजनीति का शिकार है। मिल बंद होने का सबसे मुख्य कारण इनके बीच चल रहा मनमुटाव है। यूनियन की मांग है ये सभी अपनी राजनीति को छोड़कर मात्र किसानों के हित की बात करें तो ज्यादा बढ़िया होगा। इस अवसर पर दीपचंद देशवाल, कवल सिंह, बजिंद्र सिंह, निदेश छोंककर, सुरेश दहिया, ऋषि पाल जाटल, सतनारायण शर्मा, इशाक नंबरदार मौजूद रहे।