- Hindi News
- ध्ूप बादल बूंदाबांदी में ही बीतेगा फरवरी
ध्ूप-बादल-बूंदाबांदी में ही बीतेगा फरवरी
रात में असर दिखा सकता है पश्चिम विक्षोभ, दूसरा 12 फरवरी को प्रदेश में दे रहा है दस्तक
मौसम अपडेट
मौसम एक बार फिर से बदलाव की ओर है। आज दोपहर तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना भी बन सकती है। इसके बाद चार दिन तक खूप धूप खिलेगी। 12 फरवरी को फिर से एक डब्ल्यूडी असर दिखा रहा है। ऐसे में अगले सात दिनों तक जहां दिन में तापमान बढ़ेगा, वहीं रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। प्रदेश के कुछ इलाकों में फिर से पाला भी जम सकता है।
मौसम में बदलाव होने के कारण एक बार फिर से पहाड़ों से मैदानों की ओर शीत लहर भी चल सकती है। क्योंकि इस अवधि में पहाड़ों में बर्फबारी भी होने की संभावना है। पहाड़ों से मैदानों की ओर ठंड एक बार फिर से रूख कर सकती है। यानि प्रदेश के लोगों को एक बार फिर से ठंड का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। फिलहाल पारा 4 डिग्री के आस-पास चल रहा है और अब यह थोड़ा और डाउन हो सकता है। ऐसे में ठंड कुछ और बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 8 फरवरी को ही बूंदाबांदी या कहीं-कहीं हलकी बरसात के आसार हैं। इसके बाद 11 तक आसमान साफ रह सकता है। लोगों को खिली धूप मिलेगी। 12 फरवरी को फिर से पश्चिम विक्षोभ असर दिखा सकता है। इसके बाद 26 27 फरवरी को फिर से बरसात की संभावना बन सकती है। इससे प्रदेश में खड़ी करीब 25 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल को लाभ मिल सकेगा। क्योंकि गेहूं की फसल को मार्च माह तक ठंडक की दरकार है। जब तक पहाड़ों में बर्फबारी मैदानों में बूंदाबांदी या बरसात रहेगी, इससे न्यूनतम तापमान कम रहेगा, जो गेहूं के लिए ठीक है।
^गेहूं की फसल के लिए यह ठंड बरसात काफी लाभदायक है। यदि और भी बरसात हो जाती है तो इससे फसलों को फायदा ही होगा। फसलों को ठंड की दरकार है। -डाॅ. सुरेश गहलावत, एडिशनल डायरेक्टर कृषि विभाग।
हरियाणा में जनवरी ही नहीं, बल्कि फरवरी माह में भी पारा जीरो से नीचे जाता रहा है। वर्ष 2008 में दो फरवरी को करनाल का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। जबिक 17 फरवरी 1975 को 0.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा था। जो कि अब तक का रिकार्ड है। इसके अलावा फरवरी माह में बरसात भी होती रही है। इसी माह तीन तारीख को प्रदेश के कई इलाकों में बरसात दर्ज की गई थी। कई स्थानाों पर ओलावृष्टि होने के कारण ठंडक भी बढ़ गई थी। जिसका असर अब तक है। इससे प्रदेश के कई जिलों में रात को तापमान लगातार कम ही चल रहा है।
आईएमडी दिल्ली के अनुसार शनिवार को अचानक हवा का दबाव बढ़ गया है। सुबह जहां यह 6.डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं दोपहर बाद बढ़कर 10.5 डिग्री तक पहुंच गया। ऐसे में रात में ही दिल्ली आस-पास के अलावा अन्य जिलों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पंजाब के कुछ इलाकों में भी बूंदाबांदी होने की संभावना मौसम विभाग की ओर से जताई गई है। नमी भी सुबह 94 दोपहर बाद 48 फीसदी रह गई। हवा की गति फिलहाल करीब दो किलोमीटर प्रति घंटा चल रही है और यह पश्चिम से पूर्व की ओर है। यानि पाकिस्तान की ओर से आए बादल बरस सकते हैं।