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बाइक चलाने वाले स्कूली बच्चों की लें खबर : डीसी

7 वर्ष पहले
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स्कूटीऔर बाइक से स्कूल जाने वाले बच्चों पर नाराजगी जताते हुए डीसी समीरपाल सरो ने कहा कि यह अभिभावकों का काम है कि वह आने वाले हादसे को रोकें। लघु सचिवालय में स्कूल संचालकों की बुलाई गई बैठक में डीसी ने कहा कि हादसे रोकना जिला वासियों का काम है। यह जरूरी नहीं कि कार्रवाई हो तभी आप समझें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दो पहिया वाहन पर पूरी तरह से रोक लगाएं। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को दो सप्ताह का समय दें। नहीं सुधरे तो फिर कार्रवाई करें।

डीसी ने कहा कि उन्हें हादसा नहीं चाहिए। स्कूलों में कार्यरत सभी ड्राइवर तकनीकी और चिकित्सीय रूप से फिट हों। हर महीने स्कूल इसकी रिपोर्ट भी भेजेंगे। समय-समय पर ड्राईवरों की आंखों की जांच भी कराई जाए। डीसी ने कहा कि मात्र गियर बदलने आने या स्टेयरिंग घुमाने से कोई ड्राइवर नहीं बन जाता। उसे यातायात नियमों का भी ज्ञान होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की सभी बसों के पीछे प्रिंसिपल, स्कूल संचालक और ड्राइवर के मोबाइल नंबर लिखे होने बहुत जरूरी हैं। उन्होंंने कहा कि हर स्कूल अपने परिसर में ट्रैफिक कॉर्नर भी बनाए, जहां ट्रैफिक रूल के बारे में पूरी जानकारी हो। उसमें फ्लैक्स या बड़ा बोर्ड भी लगाया जाए।

जिले में 1245 स्कूली कॉलेजों की बसें और 5241 ऑटो आरटीए से पंजीकृत है। एलएंडटी के रूट ऑपरेशन मैनेजर सुमन झा ने सुझाव दिया कि कोई जगह निश्चित की जाए, जहां पर आरटीए के अधिकारी रोजाना बसों की जांच करें। समीरपाल सरो ने एसएचओ ट्रैफिक को हिदायत दी कि धुंध के समय सुबह-शाम ट्रक या अन्य वाहनों को सड़कों पर खड़ा होने दें। साथ ही बच्चों को प्रार्थना के समय ट्रैफिक नियमों की जानकारी दें। बैठक में एसडीएम सुभाष श्योराण, एसडीएम समालखा प्रदीप कौशिक, जीएम रोडवेज सुल्तान सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान खटक भी मौजूद रहे।

पानीपत. ट्रैफिकसुधार को लेकर लघु सचिवालय में बैठक में मौजूद स्कूलों के प्रतिनिधि।