हर दिन काटे जा रहे 900 चालान
जिलेभरमें यातायात नियमों की उल्लंघना पर पुलिस धड़ाधड़ चालान काट रही है। शहर में तो हर चौक-चौराहे पर पुलिस नियमों की उल्लंघना करने वालों पर नजर गड़ाए रहती है। हर दिन 900 से अधिक चालान कट रहे हैं।
सिटी थाना में बनी चालान ब्रांच के बाहर इससे चालान भुगतने आने वाले वाहन चालकों की लंबी लाइन लगी रहती है। ठंड हो, बारिश का मौसम हो या फिर गर्मी, यहां हर समय लाइन में लगने से परेशानी होती है। अभी तक चालान ब्रांच में चालान भुगतने के लिए एक ही खिड़की है। इससे भी लाइन ज्यादा लगती है। शुक्रवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे डीएसपी ट्रैफिक आत्माराम ने चालान भुगतान के लिए दो खिड़की बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बाहर शेड लगाकर छाया का प्रबंध किया जाएगा। लोगों के बैठने के लिए कुर्सियों और पीने के पानी का प्रबंध करने का भी दावा किया है।
नियमों की पालना जरूरी
^यातायातनियमों की पालना करना जरूरी है। शहर में नियमों की उल्लंघना करने पर चालान काटे जा रहे हैं। चालान की अधिकता को देखते हुए ट्रैफिक थाना में चालान का रिकाॅर्ड बनाया जाता है। चालान भुगतने वालों को नियमों की उल्लंघना पर जुर्माना कर दिया जाता है। चालान भुगतने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं।\\\' -आत्माराम, डीएसपी ट्रैफिक, पानीपत
चालान आने में ही लगते 20 से 25 दिन
जिलेमें हर दिन कटने वाले चालान पहले ट्रैफिक थाना बाबरपुर में पहुंच रहे हैं। यहां पर सभी चालान का रिकाॅर्ड तैयार हो रहा है। किस गाड़ी का कितनी बार चालान हुआ और किस नियम की उल्लंघना पर कितने चालान हुए इसका हिसाब रखा जा रहा है। इसके लिए एक कंप्यूटर लगाकर एक ऑपरेटर को जिम्मेदारी दी गई है। जिले में हर दिन 900 से अधिक चालान इन दिनों कट रहे हैं। पहले कहा गया था कि चालान ब्रांच में मेन पावर कम होने के कारण चालान भुगतान करना और रिकाॅर्ड तैयार करना मुश्किल पड़ रहा है। ऐसे में चालान ब्रांच से रिकाॅर्ड दर्ज करने का काम ट्रैफिक थाना में लाया गया है। अब चालान कटने के बाद वाहन चालकों की परेशानी बढ़ी है। चालान कटने के 20 दिन बाद भी चालान ब्रांच में नहीं पहुंच पा रहा। इससे चालान भुगतने के लिए बार-बार लोग चक्कर काटते रहते हैं और उन्हें चालान आने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।
{चालान भुगतने को लग रही लाइन, लोग परेशान
{चालान ब्रांच में नहीं पहुंचाए जा रहे वाहनों के पेपर