बिटवीन लाइंस
10 साल तक सरकार में रहकर ऐनवक्त पर साथ छोड़ने वालों को सीएम ने पानीपत रैली में पिछले दिनों मलाईमार बताया था। उनका कहना था कि पहले सरकार में रहकर उनका तथा उनके कार्यों का गुणगान करते रहे और अब बाहर जाकर भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं। इधर, आचार संहिता लगने के बाद सीएम ने अपने एडवाइजर्स राजनीतिक नियुक्तियों पर लगे लोगों को इस्तीफे देने को कहा था। कई लोगों ने अभी तक इस्तीफे नहीं दिए हैं। उनका तर्क है कि सीएम के निर्देश उन्हें मिले नहीं हैं। फिर इस्तीफे की इतनी जल्दी भी क्या है? चौथी 8वीं मंजिल के गलियारों में चर्चा है कि यह तो नैतिकता का तकाजा है कि आचार संहिता लगने पर खुद ही इस्तीफे दे देने चाहिए थे। पर सत्तासुख भोग रहे इन लोगों का गाड़ी-बंगला, स्टाफ और अन्य सुख-साधन छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा है। ऐसे में असली मलाईमार वे लोग थे जो छोड़ गए या ये हैं जो अभी भी सरकारी पदों पर बैठे हैं।