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गांव और शहरों का एक साथ विकास करने की कोशिश
हरियाणाके विकास को लेकर पिछली कांग्रेस सरकार पर 10 साल तक भेदभाव के आरोप लगते रहे। ये आरोप विपक्ष ने ही नहीं, बल्कि खुद कांग्रेसियों ने भी लगाए। सत्ता परिवर्तन के बाद मनोहरलाल खट्टर सरकार गांव और शहरों का एक साथ विकास करने की दिशा में काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना के तहत जहां सांसदों ने गांव गोद लिए हैं, वहीं प्रदेश के सभी मंत्री, विधायक भी ऐसा कर रहे हैं। यहां तक कि सीएम मनोहरलाल ने जिले के प्रभारी अधिकारियों, विभागों, एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी गांव गोद लेने का आग्रह किया गया है ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो सके। इसके साथ ही विधायकों को अपने हलके में 5 करोड़ रुपए तक के काम करवाने की सुविधा दी जा रही है। इससे वे गांवों के साथ-साथ शहर और कस्बों में भी विकास कार्य करवा सकेंगे। इनके साथ ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को भी बजट जारी किया गया है।
अपने 100 दिन के कार्यकाल में मनोहर सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आम आदमी को भी राहत देने की कोशिश की है। युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का रास्ता खोला है तो मेरिट के आधार पर योग्य व्यक्ति को ही रोजगार मिले, इसके लिए नौकरियों में इंटरव्यू के अंक 10 प्रतिशत तक सीमित किए गए हैं।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों की बात करें तो 1 जनवरी, 2006 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी उनकी पैंशन में 50 और पारिवारिक पैंशन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके राहत दी है। सेवा अवधि के दौरान एडहॉक, अनुबंध और डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों की मृत्यु हो जाने की दशा में उनके परिवार को 3 लाख रुपए तक की अनुग्रह राशि देने का फैसला किया गया है।
{खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशिबढ़ाई। खेलों में कुछ नए अवाॅर्ड भी शुरू करने का फैसला। स्पैट की बजाय स्पीड योजना शुरू की।
{लाडली स्कीम में संशोधन करकेअब पहली बेटी के जन्म पर ही सरकार की ओर से 21000 रुपए जमा करवाने की सुविधा।
अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों की प्रमोशन में रिजर्वेशन जारी रखने का फैसला। पी.राघवेंद्र राव कमेटी की सिफारिशें मंजूर की। हालांकि इसका समर्थन और विरोध, दोनों हो रहा है।
{पुलिस और टीचरों समेत विभिन्न सरकारी विभागों में 43,707 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी
{सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद और सिफारिशों को कम करने के लिए इंटरव्यू के अंक 10 प्रतिशत तक सीमित किए।
{पुलिस की भर्ती में इंटरव्यू व्यवस्था को समाप्त करके लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और सामान्य ज्ञान की परीक्षा का प्रावधान किया।
{समस्या या शिकायत निवारण के लिए जिलास्तर पर सीएम विंडो और चंडीगढ़ में कॉल सेंटर खोलना।
{संपत्ति की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार कम करने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था।
{ ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी विवादों को कम करने के लिए जीरो इंतकाल व्यवस्था
{सरकारी खरीद-फरोख्त और ठेकों के लिए टेंडरिंग की व्यवस्था।
{विजिलेंस ब्यूरो ने 36 मामलों की जांच की। 15 मामलों में 27 अधिकारी-कर्मचारी दोषी। उनसे 14 लाख 44 हजार रुपए की वसूली।
{उद्योग और फैक्ट्रियों को बॉयलर निरीक्षण और पंजीकरण के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा।
{प्रदेश के किसी भी थाने में जीरो एफआईआर की सुविधा।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, आम आदमी को राहत देने के लिए सरकार ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
सीएमओ के सूत्रों का कहना है कि जब भी इस तरह का सिस्टम शुरू किया जाता है और उसमें कई तरह की समस्याएं आती हैं। कई बार ऐसा भी देखने में आता है कि ऑनलाइन शिकायत मिलने पर सरकारी दफ्तरों का स्टाफ वेबसाइट या सीएमओ को तो समस्या का समाधान होने की रिपोर्ट कर देता है, जबकि वास्तविक रूप से समस्या जस की तस बनी रहती है। इन्हीं चीजों को ध्यान में रखते हुए ही पहले सीएम मनोहरलाल ने खुद पीड़ित व्यक्तियों को फोन करके फीडबैक लेना शुरू किया।
अब कॉल सेंटर के माध्यम से फीडबैक लिया जाएगा।
कॉल सेंटर से उन लोगों को फोन करके जानकारी ली जाएगी, जिन्होंने सीएम विंडो पर या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई थी। जिनकी समस्या का समाधान होने की जानकारी मिलेगी, उन सभी लोगों से फोन पर उनकी संतुष्टि के बारे में पूछा जाएगा। सरकारी दफ्तरों की कार्य शैली को लेकर प्रदेश के लोगों में कितना असंतोष है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रत्येक जिले से रोजाना औसतन 20 से 40 शिकायतें सीएम विंडो पर मिल रही हैं।
अब तक इस विंडो पर 17000 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं।
छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को सीएम और मंत्रियों के पास चंडीगढ़ तक नहीं भागना पड़े, इसके लिए जिलास्तर पर सीएम विंडो शुरू की गई है। सीएमओ में कॉल सेंटर खोला जा रहा है। इस कॉल सेंटर के माध्यम से हर उस आदमी को फोन करके फीडबैक लिया जाएगा, जिसकी समस्या को दूर करने का सरकारी अफसर दावा करेंगे।
{फरीदाबाद-गुड़गांव केबीच मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू करने का फैसला। इसके अलावा पानीपत तक रेपिड रेल प्रोजेक्ट आगे बढ़ा।
{मेरठ-लोहारू, झुंझुनूं-रेवाड़ी,डबवाली-गोलूवाला कैंचिया, शाहपुरा-गुड़गांव और सारदुलगढ़-सिरसा नेशनल हाईवे होंगे।
{करनाल हवाई अड्डे कानवीनीकरण और हिसार हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर के रूप में विकसित करने का है वादा।
{करनाल, बिलासपुर,टोहाना और फतेहाबाद मेंनए बस अड्डों का निर्माण होगा। शहरों में जाम की समस्या से मुक्ति।
{यमुनानगर सेपंचकूला तकके नेशनल हाईवे नंबर 73 को फोरलेन बनाने के लिए काम शुरू होगा। ट्रैफिक जाम खत्म होगा।
{यमुना कैनाल केसाथ-साथ 200 किलोमीटर लंबे बवाना-सोनीपत-पानीपत-उचाना-इंद्री-यमुनानगर एक्सप्रेस वे का सर्वे कराने का फैसला।
{कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे योजनाको पूरा करवाने के लिए एनएचएआई को प्रोजेक्ट सौंपने का फैसला।