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मंत्रिमंडल विस्तार की आवश्यकता होगी तो ही होगा : खट्टर
सूरजकुंड मेले में सरकार की लंच डिप्लोमेसी
खट्टर से बोले मंत्री और विधायक हमें महत्व नहीं दे रहे अफसर
भास्कर न्यूज | फरीदाबाद / चंडीगढ़
सूरजकुंडमें सीएम मनोहर लाल खट्टर की ओर से दिए गए लंच के दौरान अफसरशाही के हावी होने का मुद्दा भाजपा विधायकों ने एक बार फिर उठाया। कई विधायकों का कहना था कि अभी भी अफसर अपने तरीके से काम कर रहे हैं। तो मंत्रियों को महत्व दे रहे हैं और ही विधायकों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों को। जबकि उनके पास आए दिन लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। पिछले दिनों चंडीगढ़ में प्रदेश प्रभारी अनिल जैन की मौजूदगी में हुई बैठक में मंत्रियों ने यह मामला उठाया था।
विधायकों की शिकायत पर सीएम ने कहा कि सरकार की नीतियों को आम आदमी तक पहुंचाने में कोई अधिकारी रुकावट पैदा करता दिखे, तो तत्काल उन्हें बताया जाए। तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कुछ विधायकों ने बीपीएल परिवारों की समस्या भी उठाई। इनका कहना था कि कांग्रेस सरकार में हुए बीपीएल सर्वे में जमकर धांधलियां हुई थीं। वास्तविक रूप से गरीब आज भी बीपीएल सूची से बाहर हैं। इस पर सीएम ने जल्द ही कोई पॉलिसी बनाकर समाधान का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और फरीदाबाद के विधायक विपुल गोयल सोमवार को भी लंच पर नहीं पहुंचे।
विधायकोंऔर पदाधिकारियों को गिनाई उपलब्धियां : खट्टरने गुड गवर्नेंस नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि आदर्श ग्राम योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, ऑनलाइन रजिस्ट्री के साथ-साथ महिला सुरक्षा पर सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का असर जमीन पर दिखना चाहिए। समस्याओं को दूर करने के लिए हालांकि सीएम विंडो शुरू की गई है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता भी सीधे उन तक शिकायत भेज सकते हैं और उन पर तुरंत एक्शन होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को कम करने के लिए सभी विभागों में ऑनलाइन सिस्टम लागू किया जा रहा है। प्रदेश के यूरिया संकट की चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि पहले की तुलना में इस बार ज्यादा खाद वितरित की गई है, लेकिन आने में कुछ देरी जरूर हुई। अब खाद की कोई समस्या नहीं है।
लंच से गैर हाजिर विज ने डिनर के समय किया ट्वीट
पानीपत | अम्बालामें जनता दरबार के बहाने सूरजकुंड में खट्टर की ओर से दिए गए लंच से गैर हाजिर रहे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने रात 9 बजे ट्वीट किया, ‘जो लोग मुझे कार्यक्रमों के लिए बुलाना चाहते हैं, मुझे क्षमा करें। मैं अपना अधिक से अधिक समय काम करने पर व्यतीत करना चाहता हूं।’ तीन घंटे में ही इस पर 243 क्लिक हुए और 13 ने शेयर किया। पिछले एक सप्ताह में विज का यह तीसरा ट्वीट है, जिससे राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ा है कि सीएम और विज से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। पहले ट्वीट में विज ने लिखा था, कुछ लोग मुझे काम नहीं करने देना चाहते। खट्टर ने सफाई दी थी कि किसी को भी काम करने से नहीं रोका जा रहा। उसके अगले दिन विज ट्वीट किया-‘मैं अवरोधकों को रौंदकर आगे बढ़ूंगा।’
विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान पर फोकस करने को कहा गया। प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन और सीएम मनोहर लाल ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाना चाहिए। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा।
लंच से पहले 3 घंटे तक चले आत्ममंथन के दौरान सरकार और विधायकों का मानना था कि गुड गवर्नेंस के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जो भी कदम उठाए गए हैं, उनसे भ्रष्टाचार पर अभी 30 प्रतिशत ही रोक लगी है। पूरी तरह अंकुश लगाने और आम आदमी को सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाने के लिए सरकार और पार्टी संगठन को मिलकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान संगठन और सरकार में तालमेल पर भी जोर दिया गया। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार ने जनहित के जो फैसले किए हैं, उन्हें आम आदमी तक पहुंचाने और उनके क्रियान्वयन पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में सीएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लगाए जा रहे कयासों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार की आवश्यकता होगी तो ही किया जाएगा। दिल्ली में एक्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलने के सवाल पर सीएम ने कहा कि 10 फरवरी को परिणाम सामने जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनेगी। बिहार के सीएम जीतन राम मांझी के मुद्दे पर खट्टर ने कहा कि यह मामला जदयू का है। अनिल विज के बैठक में आने पर सीएम ने कहा कि हो सकता है कि उन्हें कोई जरूरी काम रहा हो।