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घर को बनाया संग्रहालय, धरोहरों को सहेजे हैं पुहाल
देशभर से खरीदे पुराने सामान, शौक से हुए फेमस
पानीपत| सेक्टर-24में रहने वाले रमेशचंद्र पुहाल ने शौक में अपने घर को ही संग्रहालय बना लिया है। घर में अंग्रेजों के जमाने का टेलीफोन है और पुराने जमाने का स्टीरियो भी। पुहाल 1971 में हैदराबाद गए थे। शाम को घूमने निकले ही थे कि दुकान पर टेलीफोन दिखा। दुकानदार से बेचने का कहा तो उसने 3 हजार रुपए मांगे। मुंह मांगे पैसे मिले तो दुकानदार ने देने से मना कर दिया। बड़ी मुश्किल से उन्हें मनाया और टेलीफोन खरीदा। यह आज भी चलता है।
पानीपत. 30साल पुराना टेलीफोन दिखाते रमेश पुहाल।
दिल्ली में तलाशते हैं कारीगर, तसल्ली पर ही ठीक करवाते हैं
उपकरणखराब होता है तो उसकी मरम्मत कराने से पहले दिल्ली जाकर कारीगर तलाशने पड़ते हैं। 1978 में जो कल पुर्जे 50 रुपए में आते थे, अब 2500 रुपए से भी ज्यादा महंगे आते हैं। उन्होंने चांदनी चौक से 1978 में 6600 रुपए का स्टीरियो खरीद था। अलमारी में 1500 रिकार्ड (कैसेट्स) हैं। पुहाल का परिवार किसी जमाने में सेक्टर-25 क्षेत्र में 3 एकड़ जमीन में खेती करता था। पुहाल ने एसडी कॉलेज से पढ़ाई की और अब व्यवसाय के साथ समाजसेवा में लगे रहते हैं। उनका बड़ा बेटा प्रवेश एडवोकेट, रमन व्यवसायी सबसे छोटा प्रभात एचएसआईआईडीसी में नौकरी करता है। बेटी अनुराधा लेक्चरर, प|ी सुमिता गृहिणी हैं।