- Hindi News
- नदी में गिरी गाड़ी, शीशे तोड़कर बचाई 4 की जान
नदी में गिरी गाड़ी, शीशे तोड़कर बचाई 4 की जान
फरिश्ता बनकर आया चालक
गांवबुड़शाम सिवाह के बीच संतुलन बिगड़ने पर एक स्कार्पियों नदी में जा गिरी। इस दाैरान उसमें बच्चों सहित चार लोग थे। हादसा मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे का है।
वहीं, पीछे पीछे रहे एक डम्पर चालक आसपास के लोगों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर चारों को बचा लिया। जबकि देर शाम गाड़ी को भी नदी से निकाला गया।
नारायणा वासी प्रेम कुमार ने बताया कि उसका बड़ा भाई कंवरपाल मंगलवार साढ़े तीन बजे के करीब अपनी स्कार्पियों में भतीजे काले भाई के पोते 5 वर्षीय मोनू पोती तीन वर्षीय अन्नु को लेकर दोनों नहरों के बीचों बीच बनी सड़क के जरिए पानीपत से गांव रहा था। जैसे ही वो सिवाह बुड़शाम पुल के बीच पहुंचे तो इसी दौरान किसी कारणवश गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वो नहर में गिर गई। गाड़ी को नहर में जाता देख पीछे पीछे रहे डंपर चालक ने बहादुरी दिखाई। उसने केवल खुद नदी में छलांग लगा दी, बल्कि आसपास के लोगों को भी आवाज लगाई। इसके बाद सभी ने मिलकर पहले तो गाड़ी के शीशे तोड़े और इसके बाद सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।
ली राहत की सांस
हादसेकी भनक जैसे ही परिवार गांव के लोगों को लगी तो तुरंत सभी घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े, लेकिन सभी के सकुशल मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली। रात पौने आठ बजे के करीब क्रेन की सहायता से गाड़ी को नहर से निकाला गया।
जाको राखे साईयां मार सके कोए। जी हां ये कहावत स्कार्पियों में सवार नारायणा वासी कंवरपाल उसके परिवार के बच्चों पर सत्यार्थ हुई। घटना के वक्त नदी पानी से पूरी तरह भरकर चल रही थी। जिससे बचना मुश्किल था। वहीं उनके लिए डम्पर चालक फरिश्ता बनकर आया और उसने लोगों की मदद से गाड़ी के शीशे को तोड़कर सभी को डूबने से बचा लिया। कंवरपाल के भाई प्रेम राजू ने बताया कि वो डम्पर चालक के अहसान को जिंदगी भर नहीं भूला पाएंगे।