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स्पीड में अब स्किल टेस्ट पास करना भी जरूरी
कोच-खिलाड़ियों का डाटा होगा ऑनलाइन, आसानी से देख सकेंगे रिकाॅर्ड
भूखे पेट योग्यता की परीक्षा दे रहे खिलाड़ी
शिवाजीस्टेडियम में चल रहे स्पीड (स्पोर्ट्स फिजीकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डेवलपमेंट) टेस्ट के दूसरे दिन बापौली इसराना ब्लॉक के 509 खिलाड़ियों ने भूखे पेट ही अपनी योग्यता की परीक्षा दी। इनमें 325 लड़के 184 लड़कियां थीं। खिलाड़ी खुद ही अपने पैसे से स्टेडियम के आसपास लगने वाली रेहड़ियों से कुछ कुछ खाद्य सामग्री खरीदकर ही भूख शांत कर रहे हैं।
शिवाजी स्टेडियम में चल रहे स्पीड टेस्ट के दौरान मंगलवार को नई पहल भी देखने को मिली। इस बार खेल प्रणाली में और भी ज्यादा सुधार लाते हुए खेलों के दौरान खिलाड़ी कोच के अलावा किसी भी अन्य को खेल परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करने वाली टीम को भी गेट के बाहर ही बिठाया गया है। यहीं पर ही सभी खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं। सभी के अभिभावक भी यहीं पर रोके जा रहे हैं। किसी एक कोच से दूसरे कोच तक कागज पहुंचने का कार्य किसी प्रतिभागी को नहीं दिया जाता, बल्कि कोच खुद यह काम करते हैं।
नहींकी गई दोपहर में खाने की कोई व्यवस्था
प्रतिभागियोंके दोपहर के खाने की व्यवस्था तो खेल विभाग ने की, जिला प्रशासन ने और ही कोई सामाजिक संस्था इसके लिए आगे आई है। खिलाड़ी संयम, अनिल, रवि प्रवीन ने बताया कि घर से ज्यादा पैसे भी नहीं मिलते। कम ही पैसे मिलते हैं। कम से कम पैसे खर्च कर पेट की भूख शांत करने के लिए मिलने वाली चीज खरीदकर पेट भर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसराना के प्रतिभागी 11 12, पानीपत के प्रतिभागी 13 14 और मतलौडा के प्रतिभागी 15 16 को अपनी योग्यता दिखाएंगे। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी ईश्वर सिंह बिढान ने बताया कि सभी प्रतिभागी अपने साथ अस्पताल से जन्म प्रमाण-पत्र, नगर निगम या नगरपालिका, आठवीं या दसवीं की मार्कशीट की फोटो प्रति जरूर साथ लेकर आएं। इसके अलावा पासपोर्ट फोटो के साथ संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां प्रिंसिपल या हेडमास्टर से सत्यापित करवाकर भी जरूर लाएं।
पानीप. शिवाजीस्टेडियम में स्पीड टेस्ट में आवेदन करने पहुंचे विद्यार्थी।
बनाई जाएगी नई योजनाएं
ऑनलाइनसे खिलाड़ियों कोे नई-नई योजनाओं के बारे में जानकारी भी मिल सकेगी। इससे वे खेल के क्षेत्र में अपना और अपने शहर का नाम रोशन कर सकेंगे। इतना ही नहीं खिलाड़ी का ऑनलाइन रिकाॅर्ड होने पर उसके किसी भी खेल में मेडल आदि हासिल करने पर उसे विभाग द्वारा सम्मानित करना भी आसान होगा, क्योंकि ऑनलाइन की प्रक्रिया में छोटे-बड़े स्तर के खेलों के सभी खिलाड़ियों का डाटा रिकाॅर्ड होता रहेगा।
^खेल विभाग द्वारा सभी कोच खिलाड़ियों का डाटा ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बारे में स्टेट स्तर पर विचार किया जाए रहा है। यह प्रक्रिया शुरू होने पर कोई भी खिलाड़ी अपना रिकाॅर्ड जांच कर सकता है, वहीं कोच भी यह जांच कर सकता है कि उसके द्वारा कितने खिलाड़ियों को कोचिंग दी गई है।विभाग द्वारा इसकी तैयारी जोर-शोर पर चल रही है।’ ईश्वरसिंह, जिला खेल अधिकारी
शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी ऑनलाइन प्रक्रिया को शुरू की जाएगी। ताकि ग्रामीण एरिया के खिलाड़ी भी अपना-अपना रिकाॅर्ड दर्ज कर कभी भी जानकारी हासिल कर सकें। ग्रामीण क्षेत्र के ऑनलाइन सिस्टम को जिला मुख्यालय के साथ जोड़ दिया जाएगा। इससे अधिकारियों को जानकारी हासिल हो सकेगी कि ग्रामीण एरिया में अब तक कितने खिलाड़ी किस खेल के लिए तैयार हैं। उन्हें कब किस प्रतियोगिता के लिए में शामिल करना है।
21 जनवरी को बनी स्पीड
खेलएवं युवा विभाग ने वर्ष 2010 में स्पैट योजना शुरू की थी। प्रदेश सरकार ने इस योजना का नाम 12 जनवरी 2015 को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर स्पोर्ट्स फिजिकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डेवलपमेंट (स्पीड) योजना कर दिया। योजना के तहत खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप के साथ-साथ डे बोर्डिंग और बोर्डिंग खेल नर्सरी में कोचिंग सुविधा खेल किट दी जाती है, ताकि खिलाड़ी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें। स्पैट में तीन चरण होते थे।
पहला चरण स्कूल लेवल, दूसरा ब्लॉक लेवल और तीसरा जिलास्तर पर होता था। अब चौथे चरण में तीनों स्किल टेस्ट होगा। जिला कार्यकारी खेल अधिकारी ईश्वर सिंह का कहना है कि पहले स्पीड स्किल टेस्ट शामिल नहीं था। चौथे चरण में खिलाड़ियों की काउंसलिंग होगी और उनसे सवाल पूछे जाएंगे। इस तरह की योजना बनाई जा रही है। हालांकि इस बारे में अभी तक लिखित में कोई आदेश नहीं आया है। स्पीड टेस्ट में इस बार उन खिलाड़ियों को ही फायदा मिलेगा जो कि असल मायने में स्कॉलरशिप और खेल नर्सरी के हकदार हैं।
पानीपत. स्पीडमें मेडिशियन थ्रो बॉल में हिस्सा लेती अंजू।
पानीपत. शिवाजीस्टेडियम में स्पीड टेस्ट स्टेंडिग जम्प में भाग लेते खिलाड़ी।