पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दो चौकियों में उलझी सुरक्षा

दो चौकियों में उलझी सुरक्षा

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एसडीकन्या स्कूल और एसडी माडर्न स्कूल किले के पास एक ही सड़क पर आमने-सामने हैं। पुलिस सुरक्षा के लिहाज से एसडी कन्या स्कूल किला चौकी क्षेत्र में और एसडी माडर्न स्कूल बस स्टैंड चौकी क्षेत्र में है।

स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है लेकिन कोई पुलिस कर्मी यहां नहीं पहुंचा। एक-दूसरी चौकी पर थोप कर पल्ला झाड़ लिया जाता है। एसडी प्रबंधन समिति के मैनेजर नवीन बंसल ने बताया कि वे लिखित शिकायत दे चुके हैं।

स्कूल लगने के समय और छुट्टी के समय पुलिस सुरक्षा रहे तो दिक्कत कम होगी। स्पीड ब्रेकर बनाने की भी मांग है। अब उन्होंने दोनों स्कूल के चपरासी को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूल लगने और छुट्टी के समय स्कूल के बाहर तैनात रहकर हालात पर नजर रखें।

स्कूलमें बुलाए गांव के मौजिज लोग

स्कूलप्रबंधन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए राजाखेड़ी गांव के सरपंच, लड़काें के परिजनों एवं अन्य गणमान्य लोगों को स्कूल में बुलाया है। स्कूल प्रिंसिपल राज गोयल का कहना है कि भले ही घटना बाहर हुई हो लेकिन छात्र इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर स्कूल की छवि पर असर डालते हैं। राजाखेड़ी के कुछ छात्र तो ऐसे हैं स्कूल कभी-कभार आते हैं और स्कूल से सस्पेंड चल रहे हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों को संभालना होगा।

पुलिस सुरक्षा जरूरी

^एसडीकन्या स्कूल में एक हजार से अधिक छात्राएं और एसडी माडर्न स्कूल में 1400 के करीब छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। स्कूल लगने के समय और छुट्टी के समय शरारती तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस सुरक्षा जरूरी है। इससे बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल पहुंचेंगी।\\\' -राजकुमार,अभिभावक, रोशन महल

माहौल अच्छा नहीं, खुद लाना-ले जाना पड़ता है

^स्कूलके आसपास के क्षेत्र में बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल नहीं है। दोनों स्कूल आमने-सामने हैं। शरारती तत्व छुट्टी होते ही बाइक पर इधर से उधर स्टंट करने लगते हैं। बेटी एसडी स्कूल में पढ़ती है। खुद ही लेने जाता हूं और खुद ही छोड़कर आता हूं।\\\' -मोहनलाल,अभिभावक, वधावाराम कॉलोनी

सड़कों पर गुट बनाकर खड़े रहते हैं लड़के

^मेरीलड़की 11वीं कक्षा में स्कूल में पढ़ती है। सुबह दोपहर को बेटी को लेने आता हूं तो खुद हालात देखकर शर्मसार हो जाता हूं। आवारा किस्म के लड़के सड़क पर गुट बनाकर खड़े रहते हैं और छात्राओं पर कमेंट्स करते रहते हैं। पुलिस कार्रवाई करे।\\\' -कृष्ण गोपाल, निवासी भावना चौक