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एनआरआई की जमीन को फर्जी से बेचता है गिरोह
तहसीलमें फर्जी कागजात के सहारे की गई 3.50 करोड़ रुपए की रजिस्ट्री करने और कराने वाले एक ही गिरोह के हैं। यह गिरोह हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय है।
यूपी के कांदला का बाबा सालिम केस दर केस नाम बदलता है। वहीं नकली हरीश विजय भी यूपी का रहने वाला है। यह कोई त्यागी है, जो कभी पानीपत के शांति नगर का परमवीर ढींगड़ा बनकर सनौली रोड की चार दुकानें बेच चुका है। चंडीगढ़ के हर्ष विजय जैन, उनकी बहन रवि बाला और शशि बाला की संगीत-किशोर सिनेमा के पीछे की दो एकड़ से अधिक जमीन बेचने वाले गिरोह ने नवंबर 2014 में सनौली रोड पर स्थित परमवीर ढींगड़ा की चार दुकानें भी 1.25 करोड़ रुपए में बेच दी थी। फुल पेमेंट एग्रीमेंट के सहारे ढींगड़ा की दुकानें बापौली बहरामपुर के ईश्वर सिंह के नाम बेच दी थी।
ढींगड़ा ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही खतरनाक रूप से काम कर रहा है। खासकर उन लोगों को ज्यादा टारगेट करता है, जो बाहर रहते हैं। इनमें एनआरआई भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जाने कितने लोगों की जमीन ये लोग फर्जी रूप से बेच चुके हैं।
गिराहे ने बैंक को भी नहीं छोड़ा
गिरोहके सदस्य बैंक को भी नहीं छोड़ते। फर्जी रजिस्ट्री के सहारे फर्जी लोगों के नाम बैंक से लोन भी ले लेते हैं। इस केस में ऐसा करने का प्रयास किया था, लेकिन फेडरल बैंक के मैनेजर ने लोन देने से इनकार कर दिया था। चूंकि आईडी भी फर्जी होती है, इसलिए ये लोग पकड़ में नहीं आते।
जैनने बाई पोस्ट भेजा अपना बयान
इसबीच हर्ष विजय जैन और उनकी बहनों ने अपना लिखित बयान बाई पोस्ट भेज दिया है। पहले 4 फरवरी को एडीसी के सामने बयान दर्ज होने थे, लेकिन प्रशासनिक व्यस्तताओं से बयान दर्ज नहीं हो सका। जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) वीएस बठला ने कहा कि जैन से बात हुई थी। डाक से बयान भेजा है, मिलने के बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी। इस बीच सेक्टर 6 चौकी पुलिस ने केस से जुड़े तीन लोगों से पूछताछ की है। चौकी प्रभारी हर नारायण ने बताया कि पहचान पत्र फर्जी है। दो दिन बाद रिपोर्ट भेज दी जाएगी। अभी तक इसमें एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।