पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हाईटेंशन तार बने शहरवासियों की टेंशन

हाईटेंशन तार बने शहरवासियों की टेंशन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
समाधान नहीं, कुटानी में टेंशन बढ़ाकर लौटे अफसर

शिकायत करने पर होती है मात्र औपचारिकता

उत्तरहरियाणा बिजली वितरण निगम अपने खुद के ही बनाए नियमों पर खरा नहीं उतर रहा है। निगम के नियमानुसार हाईटेंशन लाइनों की उंचाई जमीन से 30 फीट से ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन शहर में कई जगहों पर हाईटेंशन की उंचाई मात्र 10 फीट तक ही है। नतीजतन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

हाईटेंशन लाइन के कारण बड़ा हादसा होते-होते बच गया। कुटानी गांव में हाईटेंशन के तार टूटने से घर में आए करंट से परिवार के 9 लोगों की जान तो सही सलामत बच गई, लेकिन एक भैंस की जान चली गई। परेशान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे बिजली निगम अधिकारी कर्मचारी दुख बांटने की बजाय उन्हें नसीहत देने बिजली चोरी करने का आरोप लगा दबाव बनाने की कोशिश में जुट गए।

बिजली के हाईटेंशन तार जिलावासियों के लिए टेंशन बनते जा रहे हैं। जिन मकानों से सटकर लाइन गुजरती है, उनके मालिकों की धड़कन हमेशा बढ़ी रहती है। बच्चों के तो छतों पर खेलने पर भी रोक लगाई जा रही है। जिलावासियों की मानें तो पानीपत सर्कल कार्यालय में कार्यरत 395 अधिकारी कर्मचारी निर्बाध बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने में पहले ही खरे नहीं उतर रहे थे, अब अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए पीड़ित परिवारों पर ही दबाव बनाने की कोशिश करने लगे हैं।

मकानोंदुकानों से सटकर गुजर रही हाईटेंशन लाइन

शहरमें गुजरने वाली अधिकतर लाइन दुकानों मकानों से सटकर गुजरती हैं। ये हमेशा ही हादसों को न्योता देती हैं। शहर में जाटल रोड पर आठ मरला चौक से दिल्ली पैरलल नहर तक 11 केवी लाइन सड़क से 10 से 12 फीट उंचाई पर ही है। बात यहीं समाप्त नहीं होती। इसके साथ-साथ गुजरने वाली लो टेंशन लाइन के बीच का गैप तो कई जगहों पर एक से दो फीट तक बची है। क्षेत्रवासियों की मानें तो तार की चपेट में आकर कई बार लोग जान भी गवां चुके हैं। यहां के अलावा शहर के माॅडल टाउन, तहसील कैंप, वार्ड-9 वार्ड-10 में अधिकतर जगहों पर स्थिति इससे भी भयावह है। कई जगहों पर तो क्रॉस लाइन गुजरती है। इससे एक फीडर पर मरम्मत कार्य करना पड़ता है तो उसके आसपास के 4-6 फीडरों को भी बंद करना पड़ता है।

एसडीओ ने बढ़ाई चिंता

घटनाके बाद सब-अर्बन सब डिवीजन के एसडीओ आरएस गुलिया मौके पर पहुंचे। सतीश ने बताया कि अधिकारी ने दुख बांटने की बजाय उन्हें निगम क