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सिवाह वर्सेज सिवाह में भी गांव की हुई थी जीत

7 वर्ष पहले
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विधानसभाचुनाव में पानीपत का सिवाह गांव एक बार फिर से सुर्खियों में है। यह गांव वर्ष 1987 के विधानसभा चुनाव से एक एक मजबूत प्रत्याशी देता रहा है। 7 चुनाव में चार बार गांव के प्रत्याशी विधानसभा पहुंचे, तीर बार पराजय हाथ लगी। कांग्रेस, इनेलो और हजकां के कुल 6 कादियान इस बार भी दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन किसी को पार्टी से टिकट नहीं मिली। यह देख पंचायत ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। हजकां के प्रदेश सचिव से इस्तीफा देने वाले संजय कादियान विधानसभा चुनाव में गांव का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

हरियाणा विस के वर्ष 1987 में हुए 8वें चुनाव में सिवाह का रहने वाला पहली बार कोई विधायक बना। लोकदल के प्रत्याशी सतबीर कादियान तत्कालीन नौल्था विधानसभा सीट से विधानसभा में पहुंचे। तब से इस गांव से हर चुनाव में एक एक प्रत्याशी मैदान में रहा है। गांव से एक स्पीकर और एक मंत्री भी रह चुके हैं। 2005 के चुनाव तक यह गांव नौल्था विधानसभा सीट के अधीन रहा। 2007 में हुए परिसीमन के बाद पानीपत ग्रामीण विधानसभा सीट बनी और सिवाह-गढ़ी को इसमें रखा गया।

1966 में सिवाह से 2 प्रत्याशी थे मैदान में

हरियाणाविधानसभा के वर्ष 1996 में हुए 9वें चुनाव में सिवाह से दो प्रत्याशी मैदान में उतर गए। हरियाणा विकास पार्टी से बिल्लू कादियान और समता पार्टी से सतबीर कादियान आमने-सामने थे। बिल्लू कादियान ने सतबीर कादियान को 1123 वोटों से हरा दिया। बिल्लू कादियान को 24,790 और सतबीर कादियान को 23,667 वोट मिले थे।

गांव के 6 कादियान, जो कर रहे थे टिकट की दावेदारी

{इनेलो : पूर्वस्पीकर सतबीर कादियान और सिवाह के सरपंच रणदीप कादियान

{कांग्रेस: पूर्वमंत्री बिजेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू कादियान, महेंद्र सिंह कादियान और डॉ. कर्ण सिंह कादियान।

{हजकां: संजयकादियान।

सिवाहपंचायत की खासियत

यहांकी पंचायत मजबूत है। वोट के लिए राजनेताओं में एकता है। सिवाह सहित पंचगामा गढ़ी, महराणा, डाहर, दिवाना, हड़ताड़ी गांव के लोगों में करीब-करीब एकमत रहता है। चुनाव के समय गांव वाले का इसलिए साथ देते हैं कि अगले चुनाव में पंचगामा के वोट बैंक के आधार पर वह टिकट की दावेदारी करते हैं। एकमत नहीं होने पर पार्टी पर राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ जाती है।



वर्ष1996 : बिजेंद्रसिंह उर्फ बिल्लू कादियान हरियाणा विकास पार्टी और सतबीर कादियान समता पार्ट