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प्रतिभा खोज में लोकगीत और चार बोतल वोडका
झूलणचालौ री बाहण, बागा मै सामण आया सै.. लोक गीत पर जब नृत्य हुआ तो हरियाणवी संस्कृति की याद गई। वहीं, चार बोतल वोडका, काम मेरा रोज का... पर भी डांस हुआ। एक ही मंच पर हरियाणवी, पंजाबी, हिंदी अंग्रेजी गीतों पर एक से एक रंगारंग प्रस्तुतियां हुईं।
मौका दादा लख्मीचंद कला विकास मंच, पानीपत द्वारा आयोजित जिलास्तरीय प्रतिभा खोज नृत्य प्रतियोगिता का था। मंच के संस्थापक वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि छुपी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए ही यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। नृत्य कला योग से बढ़कर है।
कोषाध्यक्ष हरिदास शास्त्री ने कहा कि हम स्कूल कॉलेज में प्रतिभाओं को खोजते हैं। इन्हें आगे बढ़ने के लिए एक अच्छा मंच उपलब्ध कराते हैं। जिन प्रतिभागियों ने ब्लॉकस्तर पर शानदार प्रदर्शन किया था, उन्हें अब जिलास्तर पर काबिलियत दिखाने का मौका मिला है। जिलास्तर पर जिनका प्रदर्शन शानदार रहेगा, उन्हें राज्यस्तर पर मौका दिया जाएगा।
प्रतिभा खोज में हरियाणा, हिंदी अंग्रेजी सभी तरह के कालाकारों को मौका दिया गया। निर्णायक मंडली में नरेंद्र गर्ग, अकरम, दिव्या मल्होत्रा, विनय अंजू गर्ग को आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर जसमेर गौतम, कंवरभान, जगबीर, प्रवीन शर्मा, धर्मबीर, कृष्ण रोहिला, बलराज गर्ग, पवन, शिखा, गोपी मौजूद रहे।
पानीपत. दादालख्मीचंद कला विकास मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित शहरवासी।
नन्ही भानी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रममें पहुंचीं दो बहनें सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। मामा की वाणी बुआ की भानी हरियाणवी डांस प्रस्तुत कर रही रीतू शर्मा के साथ स्टेज पर चढ़कर झूमने लगी। उनकी दादी नानी उन्हें स्टेज से उतारने पहुंची तो उन्होंने आने से मना कर दिया। गीत खत्म होने तक वे स्टेज पर ही डटीं रहीं।