पानीपत| बिजली के बिलों में हो रही गड़बड़ी को रोकने के लिए अब बिजली मीटर में ऑप्टिकल पोर्ट डिवाइस लगाएंंगे। उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में रीडिंग ज्यादा होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा। योजना फिलहाल शहर में लागू होगी। सफल होने के बाद योजना को विस्तार दिया जाएगा।
बिजली कार्यालयों में रोजाना सबसे ज्यादा भीड़ बिजली बिल ठीक कराने वालों की होती है। रोजाना करीब 500 से 700 उपभोक्ता बिजली बिल ठीक कराने वाले होते हैं।
डिवाइस का काम
डिवाइस को मीटर के बाहर लगाए गए यूएसबी पोर्ट से जोड़ा जाएगा। जब भी कर्मचारी रीडिंग लेने आएंगे तो वे यूएसबी के माध्यम से मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (एमआरआई) मशीन को जोड़ कर मौके पर ही बिल निकाल देंगे। मीटर में जितनी भी यूनिट होंगी, ये एक्चुअल यूनिट मीटर से केबल जुड़ते ही मशीन में जाएंगी।
चक्करों से मुक्ति
एसडीओएस के गोयत ने बताया कि उपभोक्ताओं का तो समय बर्बाद होता ही है, साथ ही कर्मचारियों को भी परेशानी होती है। जिले में बिजली के करीब 4 लाख उपभोक्ता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 35 हजार मीटर काले हैं। इन मीटरों को भी बदलने का काम चल रहा है, ताकि योजना पूरी तरह से लागू की जा सके।