कांग्रेस : बुल्ले शाह
कांग्रेस : बुल्ले शाह
वीरेंद्रउर्फ बुल्ले शाह के पूर्वज पाकिस्तान के ननकाना साहब से पानीपत में आकर बसे। इनके पिता हुकूमत राय शाह भी पानीपत से विधायक रह चुके हैं। 5 भाइयों (सबसे छोटे टिम्पी शाह की मौत हो चुकी है) में चौथे नंबर के बुल्ले शाह के सबसे बड़े भाई बलबीर पाल शाह पानीपत से 5 बार विधायक रह चुके हैं।
शाहका मजबूत पक्ष
बीते30 सालों से कांग्रेस की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे से। कभी लाइम लाइट में नहीं आए। बलबीर पाल शाह के लिए वोट जुटाने वाले बुल्ले शाह इस बार खुद के लिए वोट जुटा रहे हैं। कांग्रेस संगठन में मजबूत पकड़ है। लोगों से जुड़ाव और दूसरी पार्टी के लोगों को भी अपनी ओर मोड़ना इनकी ताकत है।
कमजोरपक्ष
निवर्तमानविधायक बलबीर पाल शाह का भाई होना नुकसानदेह साबित हो सकता है। कांग्रेस को लेकर लोगों में गुस्सा और नाराजगी बुल्ले शाह का कमजोर पक्ष है। इसी नाराजगी को देखते हुए बलबीर पाल शाह मैदान से हट गए और बुल्ले शाह को आगे कर दिया।