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5 भाइयों की इकलौती बहन सबिता, जानती हैं राइफल शूटिंग
एसडीविद्या मंदिर (सीनियर विंग) की प्रिंसिपल हैं सबिता चौधरी। पंजाब के रिटायर डीजीपी आईपीएस ऑफिसर पिता श्रीप्रकाश चंद की बेटी सबिता चौधरी अपने पांच भाइयों में इकलौती बहन हैं। सरकारी सर्विस में होने के कारण पिता को ज्यादातर बाहर रहना पड़ता था। सो, मां शकुंतला देवी ने ही बच्चों का ख्याल रखा। बेटी को बेटों से कम मानते हुए आगे बढ़ाया। सबिता ने चंडीगढ़ में कार्मल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद बीए ऑनर्स (पाॅलिटिकल साइंस विद फ्रेंच) में टॉप किया। बेटी की इस उपलब्धि से पिता इतने खुश हुए कि उन्होंने गिफ्ट में उन्हें इंग्लैंड, कनाडा अन्य देशों में घूमने के लिए टिकट थमा दिया। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से एमए की।
डॉ. सतीश चौधरी से शादी के बाद जब घर बैठीं तो डॉ.चौधरी ने ही घर से बाहर निकलने और बीएड करने के लिए प्रेरित किया। डॉ.चौधरी दोनों बेटियों को संभालते। इसी दौरान, बाल विकास स्कूल में 600 रुपए प्रति माह पर प्राइमरी टीचर की जॉब लग गई। वहां पांच साल जाॅब के बाद एमएएसडी स्कूल में प्राइमरी विंग की इंचार्ज बनीं। करीब 11 साल तक इस स्कूल में पढ़ाने के बाद एसडी विद्या मंदिर में वाइस प्रिंसिपल नियुक्त हुईं और अब पांच साल से प्रिंसिपल हैं।
क्या आप जानते हैं : सबिताचौधरी हॉर्स राइडिंग और राइफल शूटिंग भी जानती हैं। यह सब उन्हें उनके आईपीएस पिता ने सिखाया था। सबिता चौधरी की दो बेटियां हैं। बड़ी डॉ.कृति चौधरी और छोटी डॉ.युक्ति चौधरी। युक्ति दिल्ली में फोर्टिस अस्पताल में और कृति अमेरिका में डॉक्टर है और वहीं सेटल है। सबिता का कहना है कि उन्हें आगे बढ़ाने और उनकी काबिलियत को एसडी एजुकेशन सोसायटी ने भी समझा।
लाइफ का फंडा :जिंदगी में ईमानदारी से काम करते जाओ। ईश्वर आपका साथ जरूर देंगे और आपको मंजिल जरूर मिलेगी।
बच्चोंके लिए क्या जरूरी : हमेंइन्हें रॉल मॉडल देने होंगे। जब हम पढ़ते थे, तब हमारे सामने बहुत सारे रॉल मॉडल थे। संस्कारों की जो कमी आई है, उसे दूर करना होगा।