बारिश से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की चिंता
यहां पनपते हैं डेंगू के मच्छर
सितंबरमें हुई बरसात ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग को डेंगू का खतरा सताने लगा है। जिला मलेरिया अधिकारी शशि गर्ग ने बताया कि बारिश होने से जगह-जगह पानी भर गया है। इससे डेंगू का खतरा बढ़ गया है।
शहरवासियों को डेंगू के मच्छर से बचाने के लिए विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके लिए शहर में जगह-जगह डेंगू से बचाव के पंफलेट लगाए जाएंगे। इसके अलावा जिला अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी के बाहर डेंगू से एक बोर्ड भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार शहर में करीब 23 केस डेंगू के थे। इस बार सभी स्थानों पर समय से फोगिंग, एंटी लार्वा का करवा दिया था। इसलिए अभी तक केवल एक ही मरीज डेंगू का समाने आया है। वहीं मलेरिया के मरीजों के भी काफी कमी आई है।
डेंगू के लक्षण : तेजसिरदर्द, एवं तेज बुखार होना, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द होना, आंख के पिछले भाग में दर्द होना, उल्टियां होना, मुंह एवं मसूड़ों से खून आना।
येरखें सावधानियां : घरोंके इर्द-गिर्द पानी भरने दें। पानी भरे बर्तनों टंकियों को अच्छी तरह से ढक कर रखें। सप्ताह में एक बार कूलरों को खाली करके सुखाएं। डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, इसलिए ऐसे कपड़े पहने जिनसे पूरा शरीर ढका रहे। तेज बुखार होने पर तुरंत जिला अस्पताल में जांच कराएं।
डेंगू फैलाने वाले मच्छर भरे साफ पानी में पनपते हैं। कूलरों में पानी की टंकियों में, फूलों के गमलों में, टूटे-फूटे, खराब बर्तनों खाली पड़े टायरों आदि में भरे पानी में डेंगू का लार्वा पैदा होता है।