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चर्चा में अाज: चुनाव पास आते ही बदले-बदले से नजर आ रहे हैं डॉ. तंवर

7 वर्ष पहले
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पानीपत | कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर के तेवर इन दिनों बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। कल तक मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हां में हां मिलाने वाले तंवर टिकट वितरण को लेकर हुड्डा के साथ एकराय नहीं बना पा रहे। मीडिया में आ रहीं खबरों और सूत्रों के अनुसार हुड्डा और तंवर की खींचतान के कारण ही अब तक कांग्रेस अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर सकी। हाल ही में शारदा राठौर को लेकर तंवर ने जो तल्खी दिखाई, उससे भी यह अनुमान लगाना आसान हो गया है कि टिकट वितरण में तंवर का अहम योगदान है। टिकट वितरण और बागियों के संबंध में तंवर की क्या है राय :
> उम्मीदवार घोषित करने में इतनी देरी क्यों हो रही है
आज शाम को स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग हो चुकी है। कल केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग के बाद कभी भी उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।

> क्या आपमें और हुड्डा में टिकट वितरण को लेकर तनातनी है
ऐसी कोई बात नहीं है। हम दोनों साथ हैं। टिकट जिताऊ उम्मीदवार को ही देने हैं, इसलिए देरी हो रही है।

> ऐसा माना जा रहा है कि हुड्डा विरोधी खेमा आपके पक्ष में आ गया है
ऐसा बिल्कुल भी नहीं। मेरे साथ तो पूरी कांग्रेस खड़ी है। सभी 90 विधानसभा सीटों के कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। कोई विरोध नहीं है।

> शारदा पर आपकी कठोर बात से क्या ये संकेत हैं कि आप बागियों-हजकां से टूटकर आए विधायकों को टिकट नहीं देंगे
मेरा स्टैंड आप जानते हैं। मैं अपनी बात बार-बार नहीं दोहराना चाहता। कल मैंने अपनी िस्थति स्पष्ट कर दी थी। (बता दें कि तंवर ने कहा था कि पार्टी को कमजोर करने वालों को टिकट नहीं दिया जाएगा। इन्हें सबक सिखाना जरूरी है। इशारा शारदा राठौर और भाजपा नेताओं में हुई मुलाकात की ओर था।)
पॉलिटिकल मायने
पार्टी मैसेज देना चाह रही है कि सिर्फ हुड्डा की ही नहीं चल रही। राहुल ब्रिगेड से होने के कारण तंवर की बात मानी भी जा रही है।