(पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह और नवजोत सिद्धू)
पानीपत. भाजपा को
नरेंद्र मोदी का जादू चलने का भरोसा है। उनकी काट में कांग्रेस के पास सोनिया गांधी के नाम का हथियार है। बाकी दारोमदार मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर रहेगा। इनेलो के स्टार प्रचारकों में बादल पिता-पुत्र और चौटाला परिवार है। नामांकन के आखिरी दिन 27 सितंबर के बाद एक-दूसरे पर हमले के लिए पार्टियां कौन से तीर तैयार कर रही हैं, इस पर रिपोर्ट....
एक-दूसरे के तीर काटने के लिए सजे तरकश
14 लाख सिख वोटर 25 सीटों पर असरदार
कांग्रेस सरकार ने हरियाणा में अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाई। पंजाब के मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल हरियाणा में सिखों की राजनीति करते रहे हैं और अलग कमेटी के विरोधी रहे। अमरेंदर सिख वोटरों को कांग्रेस के पाले में लाने की कोशिश करेंगे। भाजपा के पास उनके तोड़ के रूप में नवजोत सिद्धू हैं। हालांकि लोकसभा में सिद्धू प्रचार से दूर ही रहे थे। इनेलो के तरकश में बादल पिता-पुत्र का तीर है।
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