पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपानीपत. इस बार अक्षय तृतीया (आखा तीज) दो दिन 12 व 13 मई को होगी। तृतीया तिथि 12 मई को रविवार सुबह 10:18 बजे शुरू होगी, जो सोमवार को दोपहर 12:47 बजे तक रहेगी। 13 मई को अक्षय तृतीया के साथ तीन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग एक साथ पड़ रहे हैं। ज्योतिर्विदों की मानें तो यह योग 128 साल बाद बना है। आभूषण खरीद, गृह प्रवेश एवं विवाह के लिए यह योग सर्वश्रेष्ठ है। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन किए गए पुण्य कार्यो का क्षय नहीं होता है। खरीद-फरोख्त के लिए लोगों को दो दिन का समय मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य दाऊ महाराज ने बताया कि अक्षय तृतीया 12 और 13 मई को पूर्वाह्न् व्यापनी है, लेकिन 13 मई को अक्षय तृतीया तीन मुहूर्त से अधिक है। देवी मंदिर के पंडित आचार्य लालमणि पांडेय के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन जिन जोड़ों का विवाह होगा, उनका दाम्पत्य जीवन सुखदायी रहेगा। इसका कारण यह है कि इस वर्ष का राजा गुरु है, मंत्री शनि, वित्तमंत्री मंगल है, जो पारिवारिक और व्यापारिक जीवन को सुखदायी बनाते हैं।
इसलिए महत्वपूर्ण है ये दिन
अक्षय तृतीया को सौभाग्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। सनातन धर्म में युगादि तिथियों में इसकी गणना होती है। त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी तिथि से हुई थी। भगवान परशुराम का अवतरण भी इसी दिन हुआ। तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं। बांके बिहारी मंदिर वृंदावन में विग्रह चरण के दर्शन भी इसी दिन कराए जाते हैं। इसी तिथि पर स्वर्ग से गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य के रूप में संचित होता है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.