पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • BJP Never Once In More Than 16 Seats In Haryana

हरियाणा की 58 सीटें ऐसी, जहां 1967 से आज तक नहीं खिल सका कमल

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पानीपत. हरियाणा में भाजपा को कभी एक बार में 16 से ज्यादा सीटें नहीं मिली। इस बार पार्टी 46 प्लस का मिशन लेकर चल रही है। लक्ष्य हासिल करने के लिए बेशक भाजपा ने विपक्षी दलों के कई दिग्गज नेताओं को जोड़कर अपना कुनबा बढ़ा लिया है, मगर हरियाणा की 58 ऐसी सीटें है, जहां 1967 से आज तक कमल नहीं खिला। 25 सीटों पर तो कमल की ड्योढ़ी तक नहीं फूटी।
1966 में प्रदेश गठन के बाद जनसंघ (चुनाव चिन्ह दीपक) से भाजपा (1980 में) के सफर पर नजर दौड़ाएं तो 32 सीटों पर कभी न कभी भाजपा को जीत मिली है। अब देखना यह है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सत्ता और छवि का प्रदेश में भाजपा को कितना फायदा मिलता है।
16 से ज्यादा सीटें नहीं जीती
- 1987 से भाजपा को मिली थी सर्वाधिक 16 सीटें
- 1991 में भाजपा ने अपने दम पर 89 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन 2 जीतीं।
- 2005 में 2 और 2009 के चुनाव में 4 सीटों पर जीती।
- 2014 में पहली बार 7 लोकसभा सीटें जीती प्रदेश में।
इन सीटों पर रही मजबूत पकड़
5 बार जीती : अम्बाला कैंट।
4 बार जीती : करनाल, पानीपत, रोहतक, कलानौर, सोनीपत, महेंद्रगढ़।
3 बार जीती : अम्बाला सिटी, फरीदाबाद, शाहाबाद।
2009 विधानसभा चुनाव - पार्टी का स्कोर कार्ड
3RD - मुलाना, रादौर, शाहबाद, कैथल, घरौंडा, असंध, इसराना, गन्नौर, सोनीपत, गोहाना, उचाना कलां, टोहाना, गढ़ी सांपला, बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, पुंडरी, बादशाहपुर, होटल, पलवल, पिरथला।
1ST​ - अम्बाला कैंट, सोनीपत, भिवानी, तिगांव
2ND - पानीपत अर्बन, रोहतक, अटेली, महेंद्रगढ़, नूंह, बड़खल, बल्लभगढ़, फरीदाबाद
4TH - मुलाना, रादौर, शाहबाद, कैथल, घरौंडा, असंध, इसराना, गन्नौर, सोनीपत, गोहाना, उचाना कलां, टोहाना, गढ़ी सांपला, बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, पुंडरी, बादशाहपुर, होडल, पलवल, पिरथला।