पानीपत। शहर की राजनीति में एक और नया ट्विस्ट। शहर की विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी और भाजपा के जिला अध्यक्ष गजेंद्र सलूजा अब मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह के पक्ष में खुलकर आ गए। मेयर को इसराना से विधायक कृष्णलाल पंवार का सपोर्ट भी मिल गया। शनिवार की शाम रेस्ट हाउस में सुरेंद्र रेवड़ी, गजेंद्र सलूजा और कृष्णलाल पंवार के भाई रोहताश पंवार इकट्ठे हुए। मेयर के समर्थन में 6 पार्षदों वार्ड-7, 8, 10, 12, 18 और वार्ड-23 का समर्थन बताया।
सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि 18 नवंबर को रोहतक मंडल के कमिश्नर को जिन 8 पार्षदों ने शपथ पत्र दिया था, उनमें 4 पार्षद पीछे हट गए हैं। इसमें उन्होंने वार्ड-7 के पार्षद सुरेश वर्मा, वार्ड-8 के पार्षद अशोक नारंग, वार्ड-12 के पार्षद सतीश सैनी और वार्ड-18 के पार्षद संजीव दहिया का नाम गिनाया। हालांकि, उनके दावे की जल्द ही हवा निकल गई, जब दो पार्षदों ने विधायक को समर्थन देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, सुरेंद्र रेवड़ी और गजेंद्र सलूजा यह भी भूल गए कि जिन 8 पार्षदों ने मेयर की मुखालफत की थी, उनमें सिर्फ वार्ड-8 के पार्षद अशोक नारंग ही शामिल थे।
जानिए पाॅलिटिकल कहानी के किरदारों के साम-दाम-दंड-भेद
नारंग का सपोर्ट
वार्ड-10 के अशोक नारंग विधायक-अध्यक्ष के साथ
शनिवार की शाम 6 बजे गजेंद्र सलूजा, सुरेंद्र रेवड़ी, वार्ड-10 के पार्षद अशोक कटारिया, पार्षद अशोक नारंग, पार्षद लोकेश नांगरू, पार्षद संजीव दहिया पहुंच गए। इससे पहले ही कुछ पार्षदों को फोन कर रेस्ट हाउस बुलाया गया था। कुछ देर बाद वार्ड-12 के पार्षद सतीश सैनी के भाई प्रमोद सैनी भी पहुंचे। तीन घंटे तक बैठक चली। अशोक नारंग ने मेयर के समर्थन में गजेंद्र सलूजा को पत्र सौंपा। बैठक में पवन अरोड़ा, सुनील
सोनी, दलबीर देशवाल और सर्वजीत सिंह भी मौजूद रहे।
विधायक पति के तेवर
संगठन से पूछ कर ही करें कोई कार्य : रेवड़ी
सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि पार्षद पार्टी संगठन से पूछकर ही कार्य करें, क्योंकि संगठन सबसे बड़ा है। बगैर विधायक और जिला अध्यक्ष को सूचना दिए ही कुछ पार्षदों को रोहतक ले जाया गया था। गलतफहमी की वजह से ये लोग चले गए थे। अब मेयर के समर्थन में लौट आए हैं। सांपला के नगर पालिका के चेयरमैन का उदाहरण देते हुए सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि पहले चेयरमैन इनेलो में थे। अब समर्थकों सहित भाजपा में लौट आए हैं। इसलिए पार्टी को तय करना है कि कौन मेयर होगा और कौन नहीं।
पर हो गई गड़बड़
सतीश सैनी, सुरेश वर्मा का समर्थन से इनकार
सलूजा और रेवड़ी ने वार्ड-7 के पार्षद सुरेश वर्मा और वार्ड-12 के पार्षद सतीश सैनी के समर्थन का दावा किया। इस बारे में सुरेश वर्मा ने कहा कि वह शहर से बाहर हैं। वह अपने पुराने कदम पर कायम हैं। सतीश सैनी ने कहा कि विधायक और जिला अध्यक्ष ही सिर्फ पार्टी संगठन नहीं हैं। यहां पर संजय भाटिया और सुरेंद्र अहलावत भी पुराने कार्यकर्ता हैं। दोनों कहेंगे तभी वह मेयर को सपोर्ट करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शनिवार रात ये लोग सैनी के घर भी गए थे, लेकिन सैनी ने लिखकर देने से इनकार कर दिया।
दावेदार बेहद नाराज
ये तो गंदी राजनीति कर रहे कुछ नेता : भट्ट
इस बारे में वार्ड-24 के पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि कुछ नेता गंदी राजनीति कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष से ही पार्टी संगठन नहीं बनता। वार्ड-3 के पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि कोई कितना भी जोर लगा ले, लेकिन मेयर को नहीं बचा सकते। इधर, वार्ड-13 की पार्षद सुधा अग्रवाल के पति रामरतन अग्रवाल ने कहा कि ये लोग कांग्रेस के मेयर भूपेंद्र सिंह को नहीं हटा रहे। इनका बस चले तो सीएम मनोहरलाल खट्टर को हटाकर कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी सीएम बना दें।
इसलिए ड्रामा, क्योंकि आपका जानना जरूरी है
3 वजह, क्यों मेयर के साथ रेवड़ी और सलूजा
> सुरेंद्र रेवड़ी और गजेंद्र सलूजा नहीं चाहते कि कोई ऐसा मेयर बने, जो उनकी नहीं सुने।
> भूपेंद्र सिंह के मेयर बने रहने पर विधायक और जिला अध्यक्ष दोनों के लिए शहर में पंजाबी कार्ड खेलना आसान है। इसी के इर्दगिर्द शहर की राजनीति घूमती है, जिनके करीब 70 हजार वोट हैं।
> भट्ट साफ कर चुके हैं कि मेयर के पास बहुत शक्ति है, लेकिन मेयर कुछ करना ही नहीं चाहते। भट्ट गुट के मेयर बनने पर विधायक और जिला अध्यक्ष की पूछ कम हो जाएगी।
3 वजह, भट्ट पक्ष क्यों कर रहा मेयर का विरोध
> मेयर पद के सबसे बड़े दावेदार और इसी का चुनाव लड़ चुके दुष्यंत भट्ट और उनके समर्थक चाहते हैं कि भाजपा के चुनाव चिह्न पर जीतने वाला पार्षद ही मेयर बने।
> भूपेंद्र सिंह कई बार बद बदल कर चुके हैं, इसलिए उन्हें साथ रखने को तैयार नहीं।
> विधानसभा चुनाव में भाजपा का खुलकर विरोध करने वाले भूपेंद्र सिंह को अपना नेता कैसे चुन सकते हैं, जिनके विरोध में शुरू से लड़ाई लड़ रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने खुलकर कांग्रेस के बीरेंद्र शाह के लिए वोट मांगे थे।
पानीपत. रेस्ट हाउस में मीटंग करते सुरेंद्र रेवड़ी, गजेंद्र सलूजा, अशोक नारंग व अन्य। बता दें कि शुक्रवार को नगर निगम के कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा को 13 पार्षदों ने शपथ पत्र सौंपा है। रोहतक मंडल के कमिश्नर को फोन कर बताया गया था कि 8 पार्षदों ने शपथ पत्र दिया था। उनमें एक महिला पार्षद के पति हैं।
दो पार्षद हरीश और सीमा इस्तीफा दे चुके हैं। इसी की जांच करने के लिए रोहतक मंडल से नगर निगम कमिश्नर को पत्र भेजा गया है। इधर, मेयर भूपेंद्र सिंह महाराष्ट्र से शनिवार को लौटे। उन्होंने बताया कि वह सभी पार्षदों को मना लेंगे।