जीटी रोड पर आर्य आजाद सिंह को घसीटकर ले जाते पुलिसकर्मी।
पानीपत. पुलिस चाहती तो मामला शांतिपूर्वक निपट सकता था। जोश में होश खोकर डीएसपी जितेंद्र गहलावत और सदर थाना प्रभारी अमित कुमार ने जाम लगाने वाले गोरक्षकों से बातचीत से हल निकालने की बजाए सीधा लाठी चार्ज कर खदेड़ दिया। मामला यहां तक भी शांत हो जाता लेकिन पुलिस कर्मियों ने भाग रहे गाेरक्षकों को दौड़-दौड़ाकर पीटा।
गोरक्षा दल प्रदेश उपाध्यक्ष को तो लालबत्ती चौक से पीटते हुए ऑटो में पैरों के नीचे कुचलते हुए पुलिसकर्मी थाने लेकर पहुंचे और सड़क पर अर्धनग्न घसीटते हुए उनकी जमकर पिटाई की। गोरक्षा दल एवं भाजपा नेता मामले में आचार्य आजाद व अन्य का मेडिकल करवाकर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं डीएसपी जितेंद्र गहलावत का कहना है कि सब कुछ कानूनी प्रक्रिया के दायरे में हुआ है। लाठीचार्ज के मामले की जांच होगी। देर रात 11 बजे तक गोसेवा आयोग सदस्य एवं हरियाणा गोशाला संघ अध्यक्ष आचार्य योगेंद्र थाने में डटे रहे। बाद में सभी आर्य बाल भारती स्कूल में आए और बुधवार को सुबह 10 बजे तक डीएसपी व एसएचओ सस्पेंड नहीं हुए तो बाजार बंद करने और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पुलिस पर कार्रवाई की मांग
पुलिस आरोपियों को दूसरे गेट से कोर्ट ले गई। इसके बाद डीएसपी जितेंद्र गहलावत व सदर थाना प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने जाम लगाए बैठे आचार्य आजाद व अन्य पर लाठीचार्ज कर दिया और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और सिटी थाने ले गए। भाजपा नेता रोहिता रेवड़ी, महीपाल ढांडा व कार्यकर्ता थाने पहुंचे। जींद से गो रक्षा दल संरक्षक आचार्य धर्मदेव भी देर रात तक थाने में डटे थे। वे सभी की चिकित्सा जांच कराकर पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
ऐस चला घटनाक्रम
दोपहर 12:30 बजे
गोरक्षा दल प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मतलौडा गोशाला संचालक आचार्य आजाद अन्य गोरक्षकों के साथ लघु सचिवालय में डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि शनिवार रात को सदर पुलिस ने निंबरी चौक पर कैंटर में पशु ले जा रहे व्यक्ति मुरासलीम व उसके बेटे मुसरम और वीलाल के साथ मारपीट करने व तीन हजार रुपए की लूट करने के आरोप में पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर 9 युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें छाजपुर का सुशील, आजाद, अनीश,
सुशील कुमार, मनदीप, दीपक, राजकुमार, सागर व मनोज शामिल थे। मामले में मंगलवार को सदर थाना पहुंचे गोरक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद आर्य व अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर सात बेकसूर गोरक्षकों को फंसाया है। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि जो दोषी हो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा और निर्दोष को जांच के बाद बाहर निकाल दिया जाएगा।
2.00 बजे
आचार्य आजाद आर्य समर्थकों के साथ सदर थाना पहुंचे। यहां उन्होंने दोषी युवकों पर कार्रवाई करने और निर्दोष को छोड़ने की मांग की। ये लोग सदर थाना के बाहर खड़े रहे। इस बीच डीएसपी जितेंद्र गहलावत थाने में पहुंचे। थाने के अंदर पुलिस बल भी तैयार हो गया। दो गाड़ियों में सभी 9 आरोपियों को पुलिस कोर्ट में पेश करने ले जाने लगी। इस पर विरोध जताते हुए आचार्य आजाद, रविंद्र भाटिया, गोरक्षा दल जिलाध्यक्ष वेणु गोपाल, नरेश राजा खेड़ी, सुभाष गढ़ी छाजपुर थाने के बाहर जीटी रोड पर जाम लगाकर बैठ गए। पुलिस ने सदर थाना की तरफ के गेट पर लगे ताले को कुल्हाड़ी की सहायता से तोड़ा और आरोपियों को कोर्ट में ले गए। कोर्ट से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
2:35 बजे
डीएसपी जितेंद्र गहलावत व सदर थाना प्रभारी अमित कुमार लाठियों से लैस पुलिस बल के साथ जाम लगाने वाले लोगों के तरफ बढ़े। जीटी रोड पर दूर-दूर तक जाम लग चुका था और वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया था। पुलिस बल ने बिना बातचीत किए लाठीचार्ज कर दिया।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, एसपी बी सतीश बालन से सीधी बात....