पानीपत. आचार संहिता का हवाला और लाठीचार्ज की मजिस्ट्रेट जांच के आश्वासन परम गो रक्षकों और पुलिस के बीच बढ़ा तनाव बुधवार को शांत हो गया। पिछले दो दिन में हुए घटनाक्रम से गो रक्षकों और पुलिस को सबक लेने की जरूरत है। एक मामला सुलझा तो बुधवार को ही गो रक्षकों पर तीन मामले और दर्ज हो गए।
कोर्ट से करानी होगी जमानत
प्रदेश भर से सैकड़ों गो रक्षक बुधवार को आर्य बाल भारती स्कूल में जुटे। निंबरी गांव के पास गाड़ी में भैंस ले जा रहे व्यापारी से मारपीट और तीन हजार रुपए लूटने के मामले में शनिवार को पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर नौ युवकों को गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में मंगलवार को गो रक्षादल के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद आर्य सहित कई अन्य ने सिटी थाने के बाहर रोड जाम किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किया था। इनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास, रोड जाम और धारा 144 तोड़ने के तहत मामला दर्ज किया।
आधी रात को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इसकी सबने निंदा की। बाद में डीसी और एसपी से बातचीत में लाठीचार्ज की मजिस्ट्रेट जांच करवाने पर सहमति बनी। आचार संहिता और लगी धारा 144 के हवाला भी दिया गया। आचार्य आजाद और पांच अन्य की जमानत कोर्ट से करवानी होगी। गुरुवार को ही जमानत हो पाएगी।
प्रदेश भर से पहुंचे गोरक्षकों ने भरी हुंकार
गो रक्षकों की सभा में गो रक्षा दल व गो सेवा संघ प्रदेशाध्यक्ष आचार्य योगेंद्र, आर्य प्रतिनिधि सभा के सदस्य स्वामी ब्रह्मानंद, गुरुकुल कालवा संचालक आचार्य राजेंद्र, गुरुकुल कुंभाखेड़ा कुलपति आचार्य आत्मप्रकाश, आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा महामंत्री मा. रामपाल दहिया, गो सेवा आयोग उपाध्यक्ष हरिओम तायल, गुरुकुल कालवा से स्वामी धर्मदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा, जीव जंतु कल्याण बोर्ड सदस्य कुलबीर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग संघ चालक रमेश नागरू व आचार्य अनुपम शामिल हुए। सभी ने कहा कि गो रक्षा के लिए मरते दम तक लड़ाई लड़ेंगे। पुलिस गो तस्करी नहीं रोक पा रही है। गो रक्षक राेकते हैं तो साजिशन उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।
चोटी पकड़ने और गर्दन पर पैर रखने वालों की पहचान शुरू
डीसी अजित बालाजी जोशी व एसपी बी सतीश बालन से बातचीत में समझौता हुआ कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रेट जांच कराएगा। उसमें जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि मामले में डीएसपी व एसएचओ पर कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग से इजाजत लेकर मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। आचार्य की चोटी पकड़ने और गर्दन पर पैर रखने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान करने के लिए डीएसपी जोगेंद्र राठी को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस वीडियो क्लिप देखकर इनकी पहचान करने में जुटी है। आरोपियों को लाइन हाजिर किया जाएगा। सिटी थाना में आई कंपनी के पुलिसकर्मी इसमें शामिल थे।
बुधवार को ये मामले हुए दर्ज
केस-1 : गो रक्षा दल व गो रक्षकों की सभा में पुलिस व सीआईडी कर्मी के पहुंचने पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान सीआईडी कर्मी सतबीर मौके पर पहुंचे तो कई गो रक्षकों ने उनकी जमकर धुनाई कर दी। उनका एक दांत भी टूट गया। घायल हालत में उन्हें सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया गया। शहर पुलिस ने ड्यूटी के दौरान मारपीट व अन्य धाराओं के तहत अज्ञात पर मामला दर्ज किया है।
केस-2 : प्रशासन से समझौता होने के बाद गो रक्षकों की एक टीम समालखा की तरफ जा रही थी। इस दौरान जीटी रोड पर गोहाना मोड़ के पास एक पिकअप में चार भैंस जाते हुए देख गाड़ी को रुकवा लिया। खूब हंगामा हुआ और गाड़ी में सवार दो लोगों की पिटाई की गई। गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी से बदसलूकी व हाथापाई की गई। भैंस व गाड़ी छोड़कर मालिक फरार हो गए। पुलिस ने एक गो रक्षक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया बाद में पूछताछ में उसे छोड़ दिया। चांदनी बाग थाना पुलिस ने इएसआई तकदीर सिंह की शिकायत पर अज्ञात पर जीटी रोड जाम करने, मारपीट, पुलिसकर्मी से ड्यूटी के दौरान बदसलूकी व काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
केस-3 : सिटी थाना में मंगलवार रात को हंगामे के दौरान गो रक्षकों को सूचना मिली कि पशु तस्कर गाड़ी में गाय भरकर ले जा रहे हैं। कई युवकों ने सिवाह के पास चौटाला रोड पर एक कैंटर को रुकवा लिया। उसमें सवार उत्तर प्रदेश के सहारणपुर निवासी इकरम, शमीम व तीन अन्य के साथ खूब मारपीट की। कैंटर को जलाने का प्रयास किया गया। इकरम व शमीम को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों हड़वारों से हड्डियों का नियमानुसार कारोबार करते हैं, लेकिन युवकों ने बिना सुने उनकी जमकर धुनाई कर दी। सेक्टर-29 चौकी पुलिस ने मामले में सिवाह गांव के सत्येंद्र कादियान व अजय सहित कई अन्य पर मामला दर्ज किया है।
गो रक्षकों के बने पहचान पत्र : एसपी
एसपी बी सतीश बालन का मामले में कहना है कि पुलिस कानून की रक्षा करने के लिए ही है। गो रक्षक खुद नाका नहीं लगा सकते। पुलिस के साथ चलकर पुलिस का सहयोग लें। पुलिस गलत करती है तो शिकायत करें। गो रक्षा दल के पदाधिकारियों को उनके नाम पर घटनाओं को अंजाम देने वाले आपराधिक सोच वाले युवकों से बचना होगा। पुलिस व गो रक्षक मिलकर गो रक्षकों के पहचान पत्र जारी कर सकती है, ताकि टीम वर्क बने।
ग्राउंड स्तर पर सुधार करे पुलिस : योगेंद्र
गो रक्षा दल प्रदेशाध्यक्ष आचार्य योगेंद्र का कहना है कि पुलिस को अपना रवैया व कार्यप्रणाली सुधारनी होगी। पुलिस पशु तस्करों की बजाय अब गो रक्षकों को ही टारगेट बनाकर काम कर रही है। पुलिस अधिकारी ग्राउंड स्तर पर अपने महकमे में सुधार करें। गो तस्करी रोकने के लिए उन्हें तो मुफ्त में गो रक्षकों की फौज मिल रही है। मिलकर इसका प्रयोग करें तो न तनाव पनपे और न ही पशु तस्करी होगी।
आर्य बाल भारती स्कूल मैदान में आयोजित आर्य प्रतिनिधि सभा के दौरान पहुंचे सीआईडी कर्मचारी की पिटाई करते युवक।