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5 हजार से ज्यादा बिजली बिल के बकायादारों के कटेंगे कनेक्शन, 40 करोड़ बकाया

7 वर्ष पहले
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पानीपत. आपके पास अगर लाल रंग का बिजली बिल पहुंचा है तो सतर्क हो जाएं। बिजली निमग के कर्मचारी कभी भी आपका बिजली कनेक्शन काटने पहुंच सकते हैं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम 5 हजार रुपए से ज्यादा बकायादार घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की तैयारी में है। निगम ने पानीपत सर्कल के 75 हजार उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। इन उपभोक्ताओं को निगम नोटिस के रूप में पहले ही लाल रंग का बिल भेज चुका है। बिल को लेकर निगम समझौते के मूड में नहीं है।
निगम की ओर से ऐसे उभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के फरमान जारी हो चुके हैं। निगम का उपभोक्ताओं पर 40 करोड़ रुपए बकाया है। कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ताओं के लिए दोबारा कनेक्शन लेना आसान नहीं होगा। तय समय सीमा के अंदर प्रोसेसिंग फीस के साथ बकाया राशि जमा नहीं कराई तो संबंधित डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ जाएंगी।

पानीपत सर्कल में तीन डिवीजन हैं, इनमें तीन-तीन सब डिवीजन हैं। सर्कल के एसई एमएस दहिया के दिशा निर्देशन में सभी सब-डिवीजनों पर एसडीओ के अधीन टीमों का गठन किया जाएगा। एसडीओ के अलावा टीम में पांच-पांच अन्य कर्मचारी शामिल किए जाएंगे। टीम सदस्य क्षेत्रों के अनुसार सूची तैयार कर कनेक्शन काटने के लिए निकलेंगे।
यह है बकाया राशि: बिजली निगम को पानीपत सर्कल से 5 हजार रुपए से ज्यादा बकायादारों से करीब 40 करोड़ रुपए वसूलने हैं। इनमें सिटी डिवीजन में 10 करोड़ रुपए, सब अर्बन डिवीजन में 26 करोड़ रुपए व समालखा डिवीजन में 14 करोड़ रुपए हैं। निगम ने इतनी बड़ी राशि वसूलने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। सिटी डिवीजन में 20 हजार, समालखा में 20 हजार व सब अर्बन में 35 हजार डिफाल्टर उपभोक्ता हैं।
डिफाल्टरों को भेजे जा रहे लाल रंग के बिल
बिजली निगम ने काफी समय पहले लाल रंग के बिल भेजने की योजना शुरू की थी। किसी भी उपभोक्ता के पास लाल रंग का बिजली बिल पहुंचने का मतलब होता है कि वह निगम की डिफाॅल्टरों की सूची में शामिल हो गया है। इस बार भेजे गए लाल रंग के बिलों के माध्यम ने उपभोक्ताओं को डिफाल्टर बताने के साथ-साथ कनेक्शन बिल जमा नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की भी चेतावनी दी है।
आसान नहीं होगा कटने के बाद कनेक्शन लेना
कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ताओं के लिए इसे दोबारा लेना आसान नहीं होगा। नियमानुसार कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ताओं को बकाया राशि प्रोसेसिंग फीस के साथ जमा करानी होगी। तय समय में बकाया राशि जमा नहीं हो पाई तो उपभोक्ताओं को जुर्माना भी देना होगा। इसके बाद भी जुर्माना राशि जमा नहीं हो पाई तो कोर्ट केस होगा। जुर्माना राशि किलोवाट के साथ होगी। इसमें एक किलोवाट के घरेलू कनेक्शन पर 15 हजार रुपए जुर्माना व दुकान पर 30 हजार रुपए जुर्माना होगा। दो किलोवाट पर जुर्माना राशि घरेलू कनेक्शन पर 30 हजार व दुकान पर 60 हजार होगी। इस तरह से किलोवाट बढ़ने के साथ जुर्माना राशि भी बढ़ती चली जाएगी।
एेसे मिलता है बिजली कनेक्शन
किसी को भी नया कनेक्शन लेने के लिए अपने मकान या प्लाॅट की पक्की रजिस्ट्री की फोटो कॉपी, राशन कार्ड की कॉपी, कोई भी अन्य दो आईडी प्रूफ की कॉपी निगम की फाइल के साथ जमा करानी होती है। निगम की योजना के अनुसार फाइल जमा होने के बाद एक महीने के बाद कनेक्शन देना होता है। कनेक्शन कटने के बाद समय पर कनेक्शन बकाया राशि जमा नहीं हो पाई तो ऐसे उपभोक्ताओं को भी नए सिरे से ये सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कनेक्शन मिल पाएगा।