चंडीगढ़। सभी डीसी और एसपी एक साथ हफ्ते में दो और महीने में 8 गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर ही समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को प्रदेश के सभी सीडी और एसपी की संयुक्त बैठक में यह निर्देश दिए। अफसरों को सुशासन का मंत्र देते हुए सीएम ने कहा कि वे ‘मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस’ के आधार पर काम करें। जनहित में औपचारिकताओं पर कम और रिजल्ट पर ज्यादा ध्यान दें।
खट्टर ने निर्देश दिए कि अफसर कैंप ऑफिसों के बजाय अपने दफ्तरों में टाइम पर पहुंचें और 11 से 12 बजे के बीच में लोगों की समस्याओं का समाधान करें। एसपी और डीसी में बेहतर तालमेल होना चाहिए। 6 घंटे चली बैठक में सीएम ने अफसरों के सामने भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया।
सीएम ने कहा कि अब प्रत्येक डेढ़ माह में डीसी और हर 3 माह में डीसी-एसपी की संयुक्त मीटिंग होगी। प्रदेश में जनवरी से बढ़ी हुई पेंशन दी जानी है, इसलिए 31 दिसंबर तक सभी के बैंक खाते खुल जाएं। उन्होंने स्वच्छता अभियान को नए सिरे से फिर चलाने और गांवों तक ले जाने की जरूरत बताई।
वाजपेयी के जन्मदिन पर लांच होगी सीएम विंडो
लोगों की समस्याओं का ऑनलाइन समाधान करने के उद्देश्य से 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर सीएम विंडो का पायलट प्रोजेक्ट लांच किया जाएगा। सोमवार को मीटिंग में इस विंडो सिस्टम का प्रजेंटेशन देकर डीसी-एसपी के सुझाव मांगे गए। सीएम ने निर्देश दिए कि सिटीजन चार्टर से लेकर सभी तरह की जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरा सिस्टम एक ही नेटवर्क पर काम करना चाहिए।
अफसरों को दिया ट्रिपल टी विजन
मीटिंग में सीएम ने अफसरों को प्रदेश के विकास के लिए ‘ट्रिपल टी’ विजन दिया। इनमें भ्रष्टाचार के संबंध में ‘जीरो टॉलरेंस’, ‘कामकाज में ट्रांसपेरेंसी’ और प्रोजेक्ट्स में ‘टाइम बाउंडिंग’ शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य सरकार की योजनाओं समेत ज्यादा से ज्यादा चीजों को पब्लिक डोमेन में डाला जाए, ताकि लोगों को सूचनाएं मिल सकें। उन्होंने आरटीआई के तहत भी लोगों को मांगे जाने पर पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
पुलिस अफसर संवेदनशील बनें
छोटी-छोटी बातों को लेकर प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाएं घटने को गंभीरता से लेते हुए खट्टर ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने पर ध्यान देना चाहिए। प्रदेश में अपराधों की स्थिति हालांकि नियंत्रण में है, लेकिन महिलाओं और अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रति अपराधों में और कमी कैसे लाई जाए, इस पर फोकस करना चाहिए।
कर्मचारियों का तैयार होगा डाटा बेस
कर्मचारियों की वफादारी और क्षमता का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर उनकी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने के प्रयास किए जाएंगे। सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह डाटा-बेस जल्दी तैयार करने के निर्देश दिए।
क्वालिटी से समझौता न करें
विकास कार्यों की समयबद्धता पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि इससे जहां जन-धन की बचत होगी वहीं लोगों को विकास योजना का जल्दी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का बजट लैप्स न हो, इसका ध्यान रखें, लेकिन क्वालिटी से समझौता भी न करें। सभी विकास कार्यों में स्थानीय जन प्रतिनिधि, पंच, सरपंच, प्रधान, चेयरमैन, पार्षद, विधायक, मेयर आदि को शामिल करके उनसे क्वालिटी की जांच कराएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह विकास कार्य पूरा हो जाने पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिया जाता है, उसी तरह क्वालिटी का भी सर्टिफिकेट लिया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
(फोटो- डीसी-एसपी कांफ्रेंस को संबोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर।)