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सोते-जागते कोसते थे, उसी दल के लिए मांगेंगे वोट, दुश्मन दलों ने अपनाया

7 वर्ष पहले
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पानीपत. वर्ष 2014 का विधानसभा चुनाव दल-बदल की वजह से याद किया जाएगा। जिन दलों को पहले कुछ नेता सोते-जागते कोसते थे, अब उन्हीं दलों के लिए वोट भी मांग रहे हैं। ऐसी स्थितियां तब बनीं, जब अपने दल ने टिकट देने से इनकार कर दिया और दुश्मन दल ने न केवल गले लगाया, बल्कि चुनाव लड़ने के लिए मैदान में भी उतारा।
भाजपा सबसे आगे : दूसरे दलों से आए नेताओं को टिकट देने के मामले में भाजपा सबसे आगे है। भाजपा ने जिन्हें टिकट दिए, उनमें कांग्रेस छोड़ने वाले राजेश नागर को तिगांव, हर्ष कुमार को महेंद्रगढ़, प्रो.छत्रपाल को हांसी से उतारा। वहीं, इनेलो छोड़ने वाले रामरतन को होडल से टिकट दिया।
आगे की स्लाइड में देखें तस्वीर कौन कहां से लड़ रहा है चुनाव